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रांची : एमएसडब्ल्यू पर बरसा नगर आयुक्त का कहर, एमटीएस को साफ नहीं रखने पर ठोंका 5000 रुपये का जुर्माना

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Nitesh Ojha
Ranchi : शहर की सफाई व्यवस्था ‘संभाल’ रही रांची एमएसडब्ल्यू (रांची नगर निगम और एस्सेल इन्फ्रा का ज्वॉइंट वेंचर) पर पहली बार रांची नगर आयुक्त का कहर बरसा है. कांटाटोली स्थित एमटीएस परिसर को साफ-सुथरा नहीं रखने पर नगर आयुक्त ने पहली बार कोई ठोस कार्रवाई करते हुए एमएसडब्ल्यू पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया है. मालूम हो कि पहले भी कई बार कंपनी को डिबार करने के निर्णय का प्रस्ताव निगम की बोर्ड बैठक में लिया गया था. उसके बावजूद कंपनी ने अभी तक अपनी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं किया. अक्टूबर 2016 में सफाई का काम संभालने के बावजूद कंपनी वर्तमान में केवल 33 वार्डों में ही डोर टू डोर कूड़ा उठाने और झाडू लगाने का काम कर रही है. जबकि, कार्य लेते वक्त कंपनी ने सभी वार्डों का जिम्मा जनवरी 2017 तक लेने की बात कही थी. इससे यह साफ संकेत मिलता है कि कंपनी को बचाने के लिए पहले सरकारी स्तर पर कोई बड़ी कोशिश की जाती रही है. वह भी तब, जब मेयर, डिप्टी मेयर सहित कई पार्षदों ने कई बार कंपनी को हटाने की मांग निगम की बोर्ड बैठक में की थी.

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रांची : एमएसडब्ल्यू पर बरसा नगर आयुक्त का कहर, एमटीएस को साफ नहीं रखने पर ठोंका 5000 रुपये का जुर्माना
MSW ने दो अक्टूबर 2016 को रांची की सफाई व्यवस्था संभाली थी.
रांची : एमएसडब्ल्यू पर बरसा नगर आयुक्त का कहर, एमटीएस को साफ नहीं रखने पर ठोंका 5000 रुपये का जुर्माना
एस्सेल इन्फ्रा को पहले भी डिबार करने का दिया गया था निर्देश.

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सफाई व्यवस्था का जायजा लेने कांटाटोली एमटीएस पहुंचे थे नगर आयुक्त

मालूम हो कि शुक्रवार सुबह नगर आयुक्त शांतनु अग्रहरि शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लेने कि लिए कांटाटोली एमटीएस पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने एमटीएस परिसर को काफी गंदा पाया और परिसर में बने लिचेट टैंक को ढंका हुआ नहीं पाने पर नाराजगी जतायी. नगर आयुक्त ने उसी वक्त निगम की एन्फोर्समेंट टीम को रांची एमएसडब्ल्यू पर 5000 रुपये जुर्माना लगाने का निर्देश दिया.

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अक्टूबर 2016 में कंपनी को मिला था सफाई का जिम्मा

मालूम हो कि एस्सेल इन्फ्रा कंपनी ने तीन अक्टबूर 2016 को शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा अपने हाथों में लिया था. कंपनी ने उस समय नगर विकास मंत्री सीपी सिंह सहित निगम के आला अधिकारियों को यह भरोसा दिलाया था कि वह वर्ष 2017 की शुरुआत तक शहर के सभी 55 वार्डों (परिसीमन के बाद अब 53 वार्डों) में सफाई का काम शुरू कर देगी. हालांकि, नगर विकास मंत्री ने तो नंवबर 2016 तक ही सभी वार्डों का जिम्मा संभालने का आग्रह किया था. इसके बाद अब करीब 21 माह बीतने को हैं, लेकिन अभी भी कंपनी केवल 33 वार्डों तक ही डोर टू डोर कचरे के उठाव एवं झाड़ू लगाने का कार्य संभाल रही है.

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