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रांची लोकसभा सीटः संजय सेठ, सुबोधकांत और रामटहल ने भरा नामांकन

संजय सेठ ने कहा- अबकी बार 400 पार, तो सुबोधकांत ने कहा मुश्किल में देश

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Ranchi: रांची लोकसभा क्षेत्र अब पूरी तरह चुनावी रणभूमि में बदल चुका है. मंगलवार को दिन भर राजनीतिक गतिविधियां हावी रहीं. मोरहाबादी में बीजेपी तो हरमू मैदान में महागठबंधन की तरफ से कांग्रेस अपनी ताकत झोंक रहा था. चुनावी सरगर्मी सुबह छह बजे से ही तेज हो गयी. कांग्रेस के उम्मीदवार सुबोधकांत सहाय अपने काफिले के साथ सुबह करीब छह बजे ही रांची से तमाड़ के लिए निकल गए. वहां उन्होंने देउड़ी मां के दर्शन-पूजन किये. लौटते वक्त उनका काफिला और बड़ा हो गया. इधर बीजेपी के उम्मीदवार ने अपनी सुबह की शुरुआत पहाड़ी बाबा के मंदिर से की. 10 बजे से ही रांची लोकसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं का जुटान मोरहाबादी में शुरू हो गया था. 12 बजते-बजते पूरा मोरहाबादी मैदान भगवा हो चुका था. वहीं सुबोधकांत सहाय ने मंदिर से लौटने के बाद नामांकन किया. नामांकन के बाद कचहरी से उनका काफिला पूरे लाव-लश्कर के साथ हरमू मैदान पहुंचा. जहां पहले से ही लोकसभा क्षेत्र के जेवीएम, जेएमएम, कांग्रेस और राजद के कार्यकर्ता अपने नेता का बेताबी से इंतजार कर रहे थे.

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वादा करता हूं, जीता तो अपने बेटा या बेटी को राजनीति में नहीं आने दूंगाः संजय सेठ

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नामांकन से पहले कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संजय सेठ ने सबसे पहले वंशवाद का कार्ड खेला. उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि आज बीजेपी ने एक आम कार्यकर्ता को लोकसभा चुनाव लड़ने का टिकट दिया है. यह जीत किसी संजय सेठ की नहीं है. बल्कि एक आम कार्यकर्ता की है. उन्होंने कार्यकर्ताओं को तीन बार लगातार “हम सब चौकीदार हैं” का नारा लगाने को कहा. उसके बाद उन्होंने अबकी बार 400 पार का नारा लगाया. उन्होंने फिर कहा कि अगर मैं जीत गया तो मैं यह घोषणा करता हूं कि न ही अपने बेटे को और न ही अपनी बेटी को कभी राजनीति में आने दूंगा.

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उन्होंने कहा कि आज जो लोकसभा के लिए खोला गया चुनाव कार्यालय देख रहे हैं, यह चुनाव जीतने के बाद बंद नहीं हो जाएगा. बल्कि यह कार्यालय समाधान केंद्र की तरह काम करेगा. यह केंद्र लोकसभा क्षेत्र के लोगों के लिए होगा. आपको सांसद के पीछे किसी काम के लिए घूमना नहीं पड़ेगा. समाधान केंद्र में आपकी हर समस्या का समाधान होगा. जीतने के बाद किसी को भी किसी काम के लिए सांसद के पास आना नहीं पड़ेगा. सांसद आपके दरवाजे तक खुद जाएगा. सोमवार को ईचागढ़, मंगलवार को सिल्ली, बुधवार को खिजरी और गुरुवार को अपने सांसद को आप हटिया में पाएंगे. कहा कि आप तय करें कि आपको किसको चुनना है. कांग्रेस जैसी एक ऐसी पार्टी को जो विघटन की बात करती है. भारत तेरे टुकड़े होंगे, जैसे नारे लगवाती है, हर घर अफजल पैदा होगा. कहा कि कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है, जिसके घोषणा पत्र में राष्द्रोह पर मुकदमा दर्ज नहीं करने की घोषणा है. अब ऐसी पार्टी का सफाया तय है.

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मुश्किल में देश, ऐसा संकट कभी नहीं देखाः सुबोधकांत

नामांकन भरने के बाद पूरे लाव-लश्कर के साथ सुबोधकांत सहाय हरमू मैदान पहुंचे. हरमू मैदान में पहले से ही कांग्रेस के सभी कई आला नेता मौजूद थे. सभी को अपनी बात रखने देने के बाद सुबोधकांत सहाय ने बीजेपी सरकार को घेरा. कहा कि जैसे महागठबंधन के सभी दल अपना जज्बा दिखा रहे हैं, उससे साबित होता है कि महागठबंधन के सभी साथी एक हैं. जैसे हमने सिल्ली और गोमिया जीता, उसी तरह झारखंड की सभी 14 सीटें जीतेंगे. कहा कि इस बार की लड़ाई और किसी के लिए नहीं बल्कि देश के लिए है. मैंने आज से पहले ऐसा संकट कभी नहीं देखा. हालत यह है कि कपिल सिब्बल ने एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया, लेकिन मोदी सरकार ने एक साथ सभी मीडिया हाउस के सरवर को डाउन कर दिया. ऐसा होता है मोदी का खेल. मोदी का कब्जा आज पूरे पत्रकारिता जगत पर है. हालात ऐसे हैं कि सुप्रीम कोर्ट के जज को आगे आकर आपसे और हमसे कहना पड़ता है कि देश में सब ठीक नहीं.

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उन्होंने कहा कि देश की सभी संवैधानिक संस्थाओं की नींव हिलाने का काम हो रहा है. चाहे वो चुनाव आयोग, सीवीसी, सीबीआइ ही क्यों ना हो. सभी को कठपुतली बना कर छोड़ दिया गया. नेहरू और गांधी परिवार पर Below the Belt आकर हमले किये जा रहे हैं. गांधी परिवार शहीदों का परिवार है. वो गांधी परिवार ही था जिसने 2004 के फील गुड वाली बीजेपी की सरकार को उखाड़ कर फेंक दिया था. इंदिरा गांधी की पोती के घर पर हमला किया जा रहा है. कोई सबूत नहीं है, लेकिन फिर भी टॉर्चर किया जा रहा है. अब जब दादी की पोती पल्लू कमर में बांध कर निकल गयी है, तो सारे के सारे हिल गए हैं. (इस बीच सुबोधकांत सहाय ने चौकीदार चोर का नारा भी लगाया). कहा कि राहुल गांधी एक ऐसे नेता हैं, जो कहते हैं तो करते भी हैं. कहा कि इस बार की लड़ाई तानाशाही के खिलाफ, मोदी के झूठ के खिलाफ, रघुवर दास की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ है. कहा कि इसी सरकार में एक नया शब्द देखने को मिला ‘लींचिंग’. लींचिंग शब्द ने रघुवर सरकार के मुंह पर थूकने का काम किया है. 19 लोगों की जान यहां भूख से हो गयी है. ऐसा होना पूरे सरकार के मुंह पर थूकने जैसा काम है. लेकिन कांग्रेस एक ऐसी योजना लेकर आ रही है, जिससे सभी भूखों को भोजन मिलेगा. रिजर्व बैंक के पूर्व अध्यक्ष रघुराम राजन ने भी कहा है कि अगर यह योजना लागू होती है, तो यह देश भर में क्रांति लाने का काम करेगी. कहा कि जब मीडिया ब्लैक आउट हो जा रहा है, तो अब बाकी बचा क्या. आखिर में उन्होंने “जीता या हारा सदा रहा तुम्हारा” कहते हुए अपनी बातों को खत्म किया.

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बीजेपी को घमंड हो गया है, विनाश निश्चित हैः रामटहल चौधरी

रामटहल चौधरी ने करीब 2 बजकर 40 मिनट पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया. नामांकन के दौरान उनके साथ उनके बेटे भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि बीजेपी को घमंड हो गया है, जहां घमंड हावी हो जाता है वहां विनाश निश्चित है. उन्होंने साथ ही कहा कि उम्र को देखते हुए मुझे छांट दिया गया. ये कोई संविधान में नहीं है. न पार्टी में कोई निर्णय हुआ न पार्टी में कोई प्रस्ताव हुआ. उनके विचार से हम रिटायर हो गये. पर मतदाता इस रिटायरमेंट को मानने वाला नहीं है. लोगों के दबाव के कारण हम चुनाव लड़ रहे हैं. पहले रांची एक नंबर सीट था हमारे कार्यकर्ताओं ने चैपट कर दिया. पहले कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से राय कर टिकट दिया जाता था, अब ऊपर-ऊपर टिकट तय हो रहा है.

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