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Ranchi: बिलिंग एजेंसियों को बदलने की तैयारी में है JBVNL

2017 में फाइनल किये गये थे वर्तमान में कार्यरत बिलिंग एजेंसियां. विद्युत आपूर्ति क्षेत्र अनुसार बदले जायेंगे एजेंसी, जारी है प्रक्रिया

Ranchi: बिलिंग करने वाली एजेंसियों को जेबीवीएनएल बदलेगा. इस बावत जेबीवीएनएल ने पहले ही टेंडर निकाला है. जिसके मुताबिक एजेंसियों का फिर से चयन किया जायेगा. एजेंसियां जेबीवीएनएल के विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के अनुसार ही टेंडर भरेंगी. और इनका चयन भी विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के अनुसार ही किया जायेगा.

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जेबीवीएनएल के सात एरिया बोर्ड है. जिसमें रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग, गिरिडीह, धनबाद, दुमका और मेदिनीनगर है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर वर्तमान में कार्यरत सभी एजेंसियों को बदल दिया जायेगा. हालांकि, इस टेंडर के टेक्निकल बीड को एक अक्टूबर को खोला जायेगा. जेबीवीएनएल की जीएम रेवेन्यू अंजना दास ने जानकारी दी कि हर तीन साल के लिये एजेंसियों का चयन किया जाता है. इस बार जिन एजेंसियों को बदला जायेगा, उनका समय पूरा हो चुका है. नयी एजेंसियों को काम देने का काम अभी चल रहा है. प्रक्रिया पूरी होते इसकी घोषणा की जायेगी.

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2017 में किया गया था टेंडर

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जेबीवीएनएल की ओर से बिलिंग एजेंसियों को हर तीन साल के लिये काम दिया जाता है. साल 2017 में इसके पहले टेंडर किया गया था. जिसमें सात विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के लिये एजेंसियों का चयन किया गया. बता दें कि इन्हीं बिलिंग एजेंसियों के अंतर्गत ऊर्जा मित्र काम करते है. ऐसे में संभावना है कि एजेंसियों के बदले जाने के बाद ऊर्जा मित्रों भी बदले जायेंगे. राजधानी रांची में पिछले तीन साल से बिलिंग फ्लूएंट नामक एजेंसी कर रही है. जब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक कार्यरत एजेंसियां ही काम करेगी. जेबीवीएनएल मुख्यालय की ओर से एजेंसियों का चयन किया जायेगा. जिसमें मीटरिंग, बिलिंग और कलेक्शन को दुरूस्त करने की कोशिश की जा रही है.

नुकसान में रहता है जेबीवीएनएल

जेबीवीएनएल में राजस्व वसूली शुरू से विवाद का कारण रहा है. अपने गठन से ही जेबीवीएनएल राजस्व वसूली को दुरूस्त नहीं कर पाया है. हर महीने जेबीवीएनएल 200 से 250 करोड़ राजस्व मिलता है. जबकि सिर्फ बिजली खरीद में ही 500 करोड़ लगते हैं. ऐसे में जेबीवीएनएल हर महीने नुकसान में रहता है. डीवीसी का बकाया भुगतान भी लंबित है.

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