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अपराध की राजधानी बनती जा रही है रांची, पुलिस को दे रहे चुनौती

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Ranchi: रांची शहर राज्‍य की अपराध की राजधानी बनती जा रही है. अपराधियों के मन में पुलिस का थोड़ा भी डर नहीं रह गया है. पिछले दिनों अपराधियों ने धुर्वा और अरगोड़ा में जिन दो बड़ी लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है, वह जगह थाना के बगल में था. इससे पता चलता है कि अपराधी बेखौफ होकर रांची में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. राजधानी रांची में कब क्या हो जाये इसका किसी को पता नहीं. पुलिस की लाख कोशिश के बाद भी अपराधी शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती रहे हैं और खुलेआम घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. पिछले एक महीने की बात करें तो राजधानी रांची में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया गया. पुलिस ऐसे मामलों का खुलासा करने और अपराधियों को पकड़ने में नाकाम रही है.

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पिछले एक महीने में हुई कई बड़ी घटनाएं

पिछले एक महीने में अपराधियों के द्वारा रांची में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया गया. पहले सीएम हाउस के सामने एसपीओ बुधु दास की हत्या कर दी गई. फिर पुलिसकर्मी से सीएम आवास के पास ही राइफल लूट ली गई. इधर हाल में चावल व्यवसायी नरेंद्र सिंह होरा की सरेशाम गोली मारकर हत्या भी अपराधियों ने कर दी. गैस एजेंसी से चार लाख की लूट और फिर सोमवार सुबह ज्वेलर्स से 30 लाख के जेवरात की लूट. इन सभी घटनाओं को अपराधियों ने एक महीने के अंदर अंजाम दिया.

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अपराध पर लगाम लगाने के मामले में पुलिस फिसड्डी साबित हो रही है

रांची में सरकार से लेकर पुलिस महकमा तक का हर दावा फेल नजर आता है, जब अपराध पर लगाम लगाने के मामले में पुलिस फिसड्डी साबित होती है. सरेआम व्यवसायी नरेन्द्र सिंह होरा की हत्या रोस्पा टावर के पास गोली मार कर दी गयी और अपराधी उनकी स्कूटी लेकर फरार हो गये. घटना के कई घंटों बाद भी मामले में ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है. बात हत्याओं की करें या जहरीली शराब से मौत होने की पुलिस हर मामले में फेल हो रही है. पुलिस रिकार्ड के अनुसार, पिछले आठ माह जनवरी से अगस्त तक रांची में 128 हत्याएं, 115 दुष्कर्म और 1631 चोरियां हुई हैं. जबकि राजधानी रांची में पुलिस महकमे के हर उच्चाधिकारी बैठते हैं और सुरक्षा को लेकर कई प्रबंध भी किये गये हैं. पुलिस को सुविधा से लैस किया जाता रहा है. इसके बावजूद पुलिस अपराधियों पर शिकंजा नहीं कस पा रही है.

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पांव जमाने की तैयारी में पुराने गिरोह

राजधानी रांची कई गिरोह फिर से पांव जमाना चाह रहे हैं. राजधानी में कई आपराधिक गिरोह सक्रिय हैं. पुराने डॉन अनिल शर्मा से लेकर संदीप थापा तक का गिरोह अपने फिर से आपराधिक वर्चस्‍व की तैयारी में जुटे हैं. पलामू जेल से पूरी राजधानी में अपना सिक्का जमाने में लगा है संदीप थापा. वहीं बिट्टू मिश्रा, राजेश सिंह, लखन सिंह गिरोह के लोग अपना गिरोह बढ़ाते जा रहे हैं.

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