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रांची में 1 अरब 22 करोड़ 40 लाख रुपये का है मेडिकल-इंजीनियरिंग कोचिंग कारोबार

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Rahul Guru

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Ranchi: राजधानी रांची बीते पांच से सात सालों में कोचिंग का हब बन गया है. इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की माने तो यह राजस्थान के कोटा शहर से पीछे नहीं है. लगभग हर शैक्षणिक सत्र में एक नया कोचिंग खुल रहा है.

आइआइटी में प्रवेश सुनिश्चित कराने के नाम पर ये संस्थान अरबों की रुपये की कमाई कर रहे हैं. कोटा में संचालित हो रहे एलेन, रेजोनेंस व फिटजी जैसे संस्थान यहां भी संचालित हो रहे हैं. सर्कुलर रोड हाल के वर्षों में कोचिंग संस्थानों का बड़ा बाजार बना हुआ है.

शहर में मेडिकल-इंजीनियरिंग की तैयारी कराने वाले संस्थानों का एक शैक्षणिक सत्र का कारोबार 1 अरब 22 करोड़ 40 लाख रुपये का है. एक अनुमान के मुताबिक शहर में 20 से अधिक ऐसे कोचिंग संस्थान हैं, जो आइआइटी सहित देश के बड़े मेडिकल कॉलेजों में नामांकन दिलाने की गारंटी लेते हैं.

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लाख रुपये की फीस में बेच रहे आइआइटी का सपना

चैंप्स स्क्वेयर, ब्रदर्स एकेडमी, फिटजी, न्यूटन ट्यूटोरियल, गोल आदि संस्थान शहर के बड़े व बेहतर संस्थान में शामिल हैं. ये ऐसे संस्थान हैं, जो आइआइटी-मेडिकल परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं. इन संस्थानों की फीस डेढ़ लाख रुपये से लेकर तीन लाख रुपये के बीच है.

ये ऐसे संस्थान हैं, जो आइआइटी जैसे संस्थान में नामांकन का सपना स्टूडेंट्स को दिखाते हैं. इन कोचिंग संस्थानों में 10 वीं पास व 12 वीं पास विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग तरह के कोर्स होते हैं. कोर्स के मुताबिक इनकी फीस भी होती है. ये संस्थान 12 वीं पास स्टूडेंट्स के लिए एक वर्षीय व 10 वीं पास स्टूडेंट्स के लिए दो वर्षीय कोर्स कराते हैं.

दोनों तरह के कोर्स की फीस भी अलग-अलग होती है. ये संस्थान दावा करते हैं कि उनके यहां से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों का आइआइटी सहित दूसरे अच्छे तकनीकी संस्थानों में नामांकन सुनिश्चित है. ये संस्थान नए छात्रों को बैनर-पोस्टर व वीडियो एडवर्टिजमेंट के जरिए सब्जबाग दिखाते हैं.

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6 करोड़ रुपये है एक कोचिंग की औसत कमाई

शहर के बाकि हिस्सों में संचालित कोचिंग संस्थानों की कमाई छोड़ दें तो केवल सर्कुलर रोड स्थित हरिओम टावर व उसके इर्द-गिर्द संचालित होने वाले किसी भी एक संस्थान के एक शैक्षणिक सत्र की औसत कमाई 6 करोड़ रुपये से अधिक की है.

इस कमाई का गणित कुछ ऐसा है कि इंजीनियरिंग की तैयारी कराने वाला एक संस्थान एक स्टूडेंट्स से औसतन 90 हजार रुपये एक साल के कोर्स की फीस लेता है. इस कोर्स के एक बैच में  औसतन 60 च से पांचलाख 40 हजार रुपये कमाता है. दिनभर में ऐसे 3 बैच चलते हैं.

इस तरह से केवल एक वर्षीय कोर्स से संस्थान एक करोड़ रुपये से अधिक कमाता है. वहीं दो वर्षीय कोर्स में एक छात्र से औसतन दो लाख रुपये लिए जाते हैं. यहां भी एक बैच में 75 स्टूडेंट होते हैं. संस्थान दो वर्षीय कोर्स के एक बैच से 1 करोड़ 50 लाख कमाता है. दो वर्षीय कोर्स के बीच कम से कम 3 बैच होते हैं.

बैंकिंग संस्थान भी नहीं हैं पीछे

कमाई के मामले में केवल मेडिकल-इंजीनियरिंग संस्थान ही आगे नहीं हैं. शहर में बैंक, एसएससी व रेलवे जैसी प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग संस्थान •ाी अच्छी कमाई एक शैक्षणिक सत्र में कर लेते हैं. इनका एक शैक्षणिक सत्र छह माह से 1 साल का होता है. इनके एक शैक्षणिक सत्र की कमाई 9 करोड़ 72 लाख रुपये की है.

कोचिंग कारोबार के आंकड़े

मेडिकल-इंजीनियरिंग कोचिंग से1 22 4000000 रुपये
बैंक, एसएससी व रेलवे वाले से9 करोड़ 72 लाख रुपये
अन्य शैक्षणिक संस्थान से1 करोड़ 40 लाख रुपये

 

मेडिकलइंजीनियरिंग (छोटे बड़े मिलाकर) : 20

कोर्स स्वरूप

एक वर्षीय कोर्स फीस : 70 हजार से दो लाख

90 हजार रुपये औसतन 1 स्टूडेंट से लिया जाता है

एक बैच में 60 स्टूडेंट्स –  5.40 हजार

एक दिन में 3 बैच – 1 करोड़ 62 लाख

दो वर्षीय कोर्स फीस : 1.15 हजार से 2.50 हजार

2 लाख रुपये औसतन 1 स्टूडेंट से लिया जाता है

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एक बैच में 75 स्टूडेंट –  1 करोड़ 50 लाख

एक दिन में अधिकतम 3 बैच : 4 करोड़ 50 लाख

इस तरह से एक वर्षीय व दो वर्षीय कोर्स की फीस मिलाकर एक संस्थान की कुल कमाई एक सत्र में 6 करोड़ 12 लाख रुपये

शहर में मेडिकल- इंजीनियरिंग की तैयारी कराने वाले लगभग 20 संस्थााानन. हैं इनकी कुल कमाई 1224000000 हुई.

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बैंक व एसएससी व रेलवेः तैयारी कराने वाले संस्थान : 30 से अधिक

कंबाइंड बैच के लिए : 15 से 19 हजार कोर्स फीस

18 हजार औसतन कोर्स फीस 1 स्टूडेंट से लिया जाता है

एक बैच में 50 स्टूडेंट – 9 लाख रुपये

एक दिन में 3 बैच –  27 लाख रुपये

किसी एक परीक्षा के लिए : 8 से 10 हजार कोर्स फीस

9 हजार औसतन कोर्स फीस एक स्टूडेंट से लिए जाते हैं

एक बैच में न्यूनतम 30 स्टूडेंट – 2.70 हजार रुपये

परीक्षा विशेष पर 2 बैच न्यूनतम – 5.40 हजार रुपये

एक बैंक, एसएससी सहित अन्य परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग संस्थान की एक सत्र में कमाई लगभग 32 लाख 40 हजार रुपये हुई.

शहर में लगभग 30 से अधिक बैंक, एसएससी, रेलवे की तैयारी कराने वाले संस्थान हैं. इस तरह से कुल कमाई एक शैक्षणिक सत्र में 9 करोड़ 72 लाख रुपये.

अन्य संस्थान (कंप्यूटर, 12वीं, स्नातक आदि कोर्स कराने वाले) : 10

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कोर्स फीस

कोर्स के अनुसार 5 से 8 हजार रुपये होती है.

7 हजार रुपये औसतन कोर्स फीस एक कोर्स की होती है

एक बैच में 40 स्टूडेंट्स –  2.80 हजार

एक दिन में 5 बैच – 14 लाख

शहर में ऐसे संस्थानों की संख्या 10 के करीब है. इस तरह से औसतन कमाई 1 करोड़ 40 लाख रुपये.

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