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रांची : बाहर हुई कंपनी एस्सेल इन्फ्रा, अब सभी 53 वार्डों में सफाई कार्य संभालेगा रांची नगर निगम

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  • मेयर आशा लकड़ा की अध्यक्षता में हुई निगम पर्षद की बैठक में लिया गया निर्णय
  • 53 वार्डों के लिए निगम बनायेगा नया रोस्टर
  • वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए संशोधित बजट 2395 करोड़ रुपये का

Ranchi : राजधानी के 33 वार्डों में सफाई कार्य देख रही कंपनी एस्सेल इन्फ्रा (आरएमएसडब्ल्यू) को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. रांची नगर निगम पर्षद की शनिवार को हुई बैठक में यह निर्णय हुआ है. मेयर आशा लकड़ा ने बताया कि कंपनी अब शहर में काम नहीं करेगी. कंपनी को आदेश दे दिया गया है. अब निगम अपने 20 वार्डों के अतिरिक्त अन्य 33 वार्डों में सफाई काम संभालेगा. इसके लिए निगम एक नया रोस्टर बनायेगा, वहीं निगम खाली पड़े अतिरिक्त जोनल सुपरवाइजरों के पदों पर भी नियुक्ति करेगा. पर्षद की बैठक में निगम के 2019-20 के बजट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सहित कई मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई.

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आम जनता और पार्षदों में थी नाराजगी

आशा लकड़ा ने बताया कि एस्सेन इन्फ्रा कंपनी के रहते हुए निगम को चार जोन में बांटा गया है, जिसमें कुल 50-50 कर्मी कार्यरत हैं. इससे निगम पर दोहरा भार पड़ता था. वहीं, आये दिन कंपनी के अधिकार वाले एमटीएस में हड़ताल की शिकायत मिलती रहती थी. इससे पार्षदों एवं आम जनता में नाराजगी रहती थी. इसे देखते हुए पर्षद ने कंपनी को हटाने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि कंपनी के जाने के बाद सभी 53 वार्डो में सफाई कार्य के लिए पुरानी व्यवस्था के तहत एक रोस्टर बनाया जायेगा. रोस्टर में प्रत्येक वार्ड में हर गली, हर नाली में कार्य कर रहे सफाईकर्मियों का नाम, उसका कॉन्टैक्ट नंबर रहेगा. सफाई के लिए निगम कुल 11 जोन में बंटा है, लेकिन वर्तमान में केवल चार जोनल सुपरवाइजर हैं. कंपनी के जाने के बाद रिक्त जोन में जोनल सुपरवाइजर की नियुक्ति की जायेगी.

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मेयर ने कहा- कंपनी को हटाने का निगम के पास है अधिकार

कंपनी को हटाने का निगम के पास अधिकार होने के सवाल पर मेयर ने कहा कि झारखंड नगरपालिका अधिनियम के तहत पर्षद को कंपनी को हटाने का पूरा अधिकार है. इंदौर शहर का उदाहरण देते हुए मेयर ने बताया कि इस शहर में किसी कंपनी ने काम नहीं किया, लेकिन वहां की जनता, वार्ड पार्षद ने मिलकर शहर को एक नया रूप दिया है. उसी तरह से रांची शहर को सुधारने का प्रयास निगम अपने स्तर पर करेगा.

संशोधित बजट कुल 2395 करोड़ रुपये का

निगम के बजट 2019-20 की बात करते हुए मेयर ने कहा कि स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक के बाद संशोधित रूप से निगम का कुल 2395 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है. इसमें निगम का आय स्रोत 151 करोड़ रुपये, गैर योजना मद (सरकार निगम को देती है) 23 करोड़ रुपये, राज्य सरकार का 563 करोड़ रुपये, केंद्र सरकार अपने अधीन संचालित योजनाओं के लिए 588 करोड़ रुपये शामिल है. बजट के तहत ही निगम अधीन संचालित कई अन्य योजनाओं के लिए राशि की स्वीकृति दी गयी है. वहीं, वित्तीय वर्ष 2019-20 में शहरी फेरीवालों के लिए निर्धारित वेंडिंग जोन के लिए 2.42 करोड़ रुपये, पार्को के सुधार एवं सौंदर्यीकरण के लिए 3.63 करोड़ रुपये, निगम में सॉफ्टवेयर डेवपलमेंट के लिए 2.40 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति बजट में हुई है.

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निम्न प्रमुख निर्णयों पर बनी सहमति

  • गर्मी में पानी की किलल्त को देखते हुए निर्णय हुआ कि सभी 53 वार्डों के स्लम एरिया में 5-5 वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जायेगा. इसके लिए बजट में 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
  • सरकारी स्कूलों, कॉलेजो में पेयजल और शौचालय की सुविधा की व्यवस्था की जायेगी.
  • सड़क पर लगते जाम और लोगों को पार करने में हो रही परेशानी को देखते हुए फुटब्रिज और अंडरपास बनाये जाने का निर्णय लिया गया है.
  • दिव्यांगों की रोजगार सुविधा के लिए वेंडर मार्केट निर्माण का निर्णय लिया गया है.

जनप्रतिनिधियों के लिए बजट में जोड़े गये कई प्रावधान

मेयर ने बताया कि इस बजट में निगम के मेयर, डिप्टी मेयर सहित तमाम पार्षदों के लिए कई प्रावधान किये गये हैं. इनमें प्रमुख हैं-

  • पार्षदों के लिए प्रतिमाह 1,000 रुपये मोबाइल भत्ता की सुविधा
  • इन सभी के मानदेय के लिए 2.07 करोड़ रुपये का प्रावधान
  • वार्ड कार्यालय के मेंटेनेंस के लिए 4,000 रुपये प्रतिमाह, मेयर कार्यालय के लिए 10,000 रुपये प्रतिमाह की स्वीकृति दी गयी है.

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