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#Ranchi: सदर अस्पताल में दो साल बाद भी तैयार नहीं हो सका डायलिसिस सेंटर

Ranchi: दिसंबर 2017 में रांची सदर अस्पताल में डायलिसिस सेंटर तैयार करने की बात कही गयी थी जहां किडनी के मरीजों को फ्री में डायलिसिस की सुविधा दी जानी थी.

दो साल से ज्यादा हो जाने के बाद भी अब तक डायलिसिस सेंटर चालू नहीं हो सका है.

अस्पताल में यह सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग को रांची के तत्कालीन सिविल सर्जन ने प्रस्ताव भेजा था, जिसपर सहमति भी बन भी गयी थी. यह सुविधा राज्य के लगभग सभी सदर अस्पताल में शुरू की जानी है. डायलिसिस यूनिट के लिए जगह भी तय कर लिया गया था.

सदर हास्पिटल में डायलिसिस शुरू होने से मरीजों को प्राइवेट सेंटरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ती. प्राइवेट क्लिनिक में डायलिसिस कराने का खर्च करीब तीन हजार रुपये आता है.

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10 बेड की यूनिट बननी है

सदर हास्पिटल में डायलिसिस यूनिट 10 बेड का तैयार होना था. ऐसे में एक बार में दस मरीजों का डायलिसिस हो पाता.

रिम्स में डायलिसिस यूनिट में चार बेड हैं, जहां सुबह से लेकर रात तक मरीजों की लाइन लगी रहती है. इसके बाद भी सेम डेट में मरीजों का डायलिसिस नहीं हो पाता है. डॉक्टरों के नहीं रहने की स्थिति में भी मरीजों को दिक्कत होती है.

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रिम्स में डायलिसिस का नहीं लगता चार्ज

रिम्स में राज्यभर से हर महीने लगभग 400 मरीज डायलिसिस के लिए आते हैं, जहां मरीजों से डायलिसिस चार्ज नहीं लिया जाता है.

लेकिन, डायलिसिस में यूज होने वाला डाय अवेलेबल नहीं होता है. तो परिजनों को इसे खरीदकर लाना पड़ता है. इसके बावजूद परिजनों की जेब पर डायलिसिस का बोझ नहीं पड़ता है.

जब यह सुविधा सदर में शुरू हो जायेगी तो किडनी के मरीजों की जेब नहीं कटेगी.

प्राइवेट में डायलिसिस के लगते हैं 2 से 3 हजार

गौरतलब हो कि किडनी खराब हो जाने के बाद मरीजों को डायलिसिस की सलाह दी जाती है, ताकि किडनी ट्रासप्लांट होने तक उन्हें राहत मिल सके.

वहीं, कहीं भी आने-जाने में मरीज को परेशानी नहीं होती है. ऐसे में एक सीटिंग के दो से तीन हजार रुपये तक प्राइवेट सेंटरों में चार्ज किया जाता है. इस चक्कर में कई मरीजों के परिजनों को घर-जमीन तक गिरवी रखनी पड़ती है.

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