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रांची सिटी बस : नौंवी बार निकला टेंडर गया खाली, किसी भी ऑपरेटर ने नहीं दिखायी रुचि

इच्छुक ऑपरेटरों के लिए 31 जनवरी को रखी गई थी प्री बिड मीटिंग

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Ranchi : शहर में चलने वाली 91 सिटी बसों (26 लाल सिटी बसों व अन्य 65 बसों) के लिए ऑपरेटर तय करने के लिए रांची नगर निगम द्वारा नौवीं बार निकाला गया टेंडर खाली रह गया है. एक भी ऑपरेटर ने इन बसों को चलाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है. प्रतिदिन बड़ी राशि लेने और संभवतः प्रभावशाली ऑपरेटरों के दबाव की वजह से किसी भी ऑपरेटर ने इसमें रूचि नहीं दिखायी है. निगम द्वारा निकाले गये इस टेंडर के तहत 31 जनवरी को प्री बिड मीटिंग और 11 फरवरी तक टेंडर से जुड़ी महत्वपूर्ण पेपर जमा करने की तिथि निर्धारित की गयी थी. ऐसे में एकबार फिर सिटी बस चलाने के लिए निकला टेंडर लटकता दिख रहा है.

ऑपरेटरों के लिए कई शर्तें थीं निर्धारित

टेंडर के शर्तो के अनुसार, इसमें उन्हीं ऑपरेटरों को भाग लेने की बात कही गयी थी, जिसके पास बस, ट्रक और ट्रैवल एजेंसी चलाने का 5 साल का अनुभव हो. साथ ही उनके पास कम से कम 5 हेवी वाहन हो. एक अन्य शर्त के मुताबिक इच्छुक ऑपरेटरों को नई सिटी बसों के परिचालन के लिए प्रतिदिन 451 रुपये और पुरानी सिटी बसों के परिचालन के लिए प्रतिदिन 201 रुपये प्रति बस की दर से निगम में जमा करना था. साथ ही एक बार बस को हैंडओवर करने के बाद ऑपरेटर को ही इन बसों के मेंटेनेंस की बात कही गयी थी.

राशि घटाने की हो सकती है कवायद

किसी ऑपरेटरों के सामने नहीं आने से सिटी बस सेवा परिचालन पर सवालिया निशान लग गया है. सूत्रों के मुताबिक, स्थिति को देख निगम आयुक्त जल्द ही बैठक कर इस बारे में कोई उचित निर्णय ले सकते हैं. माना जा रहा है कि ऑपरेटरों से ली जाने वाली राशि को कम नए सिरे से टेंडर जारी किया जा सकता है.

इन वजहों से नहीं आ रहे ऑपरेटर

 

  • नगर निगम ने 26 नई बसों और 65 पुरानी सिटी बस के ऑपरेशन और मेंटनेंस के टेंडर का जिम्मा ऑपरेटरों के उपर रखा है. ऐसे में बसों के परिचालन के लिए कोई भी ऑपरेटर तैयार नहीं है.

 

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  • टेंडर डालने वाले ऑपरेटरों को बस परिचालन के एवज में प्रतिदिन एक बड़ी राशि निगम को देनी होगी. इससे कई ऑपरेटर नाराज हैं.

 

  • टेंडर नहीं डालने की एक वजह से प्रभावशाली ऑपरेटरों का अन्य को टेंडर डालने से रोका जाना भी है. मालूम हो कि पहले के भी टेंडर में कई बार शहर के कई ऑपरेटरों को टेंडर नहीं डालने के पीछे दबाव देने की बात सामने आयी थी. इसलिए बाहर के ऑपरेटर एक बार फिर से पीछे हट रहे हैं.

 

66 बसें सड़ने की कगार पर, 25 का हो रहा परिचालन

निगम की कुल 66 सिटी बसें पिछले एक साल से बकरी बाजार स्टोर रुम में खड़ी हुई है. इन बसों में अब जंग लगने की स्थिति आ गयी है. कई बस जर्जर अवस्था में है. यहां तक की इन बसों में आसपास के असामाजिक तत्व के लोग प्रतिदिन बैठकर नशीली पदार्थों का सेवन करते हैं. कुछ दिन पहले ही यहां पड़ी तीन बसों में आग लग गयी थी. इसके लिए इन्हीं असामाजिक तत्वों को जिम्मेवार बताया गया था. हालांकि इसके लिए निगम द्वारा इंश्योरेंस क्लेम किया गया है. वहीं मौजूदा समय में राजधानी में कुल 25 सिटी बसों का परिचालन किशोर मंत्री द्वारा किया जा रहा है. मंत्री ऑपरेटरों द्वारा संचालित ये बसें कचहरी से लेकर बिरसा चौक रूट तक चलायी जाती है. हालांकि शहर के अधिकांश लोगों को निगम के इस बस सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है.

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