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रांचीः तिरंगे में लिपट कर आया चान्हो का लाल, लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

Ranchi: चान्हो के लाल शहीद जवान अभिषेक साहू का पार्थिव शरीर बुधवार को पैतृक गांव चोरेया पहुंचा. तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर पहुंचे सेना के वाहन को जगह-जगह लोगों ने फूलों से श्रद्धांजलि दी. इस दौरान शहीद अभिषेक साहू अमर रहे के नारे से आकाश गूंजता रहा. गांव पहुंचने के रास्ते में फूलों से शहीद अभिषेक अमर रहे लिखा हुआ था.

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गांव में शहीद की माता कांति देवी, दादी चांदो देवी, बड़े भाई परमानंद साहू और बहन आरती कुमारी ने शहीद के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए. इसके बाद पार्थिव शरीर को श्मशान घाट की ओर ले जाया गया. ग्रामीणों ने नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी.

गांव वालों ने फूलों से दी श्रद्धांजलि

इससे पूर्व शहीद का शव मंगलवार की रात रांची पहुंचा था. रांची पहुंचने पर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, मंत्री चंपई सोरेन सहित कई गणमान्य लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी. बुधवार की सुबह सेना के फूलों से सजे हुए ट्रक में शहीद का पार्थिव शरीर पूरे सम्मान के साथ गांव पहुंचाया गया.

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शहीद जवान अभिषेक साहू

बता दें कि अभिषेक साहू लद्दाख में तैनात थे. शनिवार को ड्यूटी के समय वे पहाड़ी से गिर गए थे. बताया जाता है कि नीचे गिरने के बाद बारूदी सुरंग की चपेट में आने से वे गंभीर रूप से घायल हो गये थे. उन्हें तत्काल निकट के अस्पताल ले जाया गया था. जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी थी.

हंसमुख मिजाज के थे अभिषेक साहू, गांव में थे बेहद लोकप्रिय

अभिषेक साहू हंसमुख और मिलनसार मिजाज के थे और अपने गांव में बेहद लोकप्रिय थे. उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही देवेंद्र नाथ सिंह स्कूल में हुई थी. मांडर से उन्होंने इंटर की शिक्षा ग्रहण की थी. जब वे गांव आते थे सभी लोगों से मिलते थे. उनके शहीद होने की खबर से गांव का माहौल बेहद गमगीन है.

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