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बिरसा मुंडा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने पर आदिवासी संगठनों का 15 जून को रांची बंद

कई राजनीतिक दलों का मिला समर्थन

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Ranchi :  बिरसा मुंडा की प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होने के बाद राज्यभर की राजनीति को नया मुद्दा मिल गया है. वहीं बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होने के बाद आदिवासी संगठनों में आक्रोश है. देर रात गुरूवार को हुई इस घटना ने आदिवासी संगठनों को एक बार फिर से सड़क पर उतरने को मजबूर किया है. शुक्रवार को दिनभर बिरसा मुंडा की प्रतिमा के पास आदिवासी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया. जिसके बाद कई आदिवासी संगठनों ने मिलकर शनिवार को रांची बंद करने का निर्णय लिया है.

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इससे पहले शुक्रवार की देर शाम को मशाल जुलूस भी निकाली गयी. जिसमें काफी संख्या में आदिवासी संगठन और समाज के लोग शामिल हुए. गौरतलब है कि भगवान बिरसा मुंडा के कोकर स्थित समाधि स्थल पर स्थापित प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई है. यहां शहीद बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा स्थापित है. बिरसा मुंडा के एक हाथ में मशाल और दूसरे में धनुष था. जिस हाथ में धनुष था, वह हाथ क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिर गया है.

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राजनीतिक दलों ने दिया समर्थन

बिरसा मुंडा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने पर आदिवासी संगठनों का 15 जून को रांची बंद
विरोध में निकाला गया मशाल जुलूस

विभिन्न आदिवासी संगठनों की ओर से आहूत रांची बंद को राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया. जिसमें जेएमएम, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मासस, भाकपा माले शामिल है. मौके पर झामुमो नेता हेमंत सोरेन पहुंचे. जिन्होंने स्थिति का जायजा लिया. भाकपा कार्यालय में वामदलों की बैठक आयोजित हुई. उसके बाद ही  रांची बंद को समर्थन देने का निर्णय लिया गया. वहीं अंतु तिर्की ने समाधि स्थल से तीनों गार्डों को हटाने की मांग की. वहीं केंद्रीय सरना समिति की ओर से मांग की गयी है कि परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए. साथ ही मामले की गहन जांच हो.

जिला प्रशासन ने कहा कमजोर हो गयी थी मूर्ति

गुरूवार देर रात से ही बिरसा मुंडा की प्रतिमा के क्षतिग3स्त होने खबर शहरभर में फैल चुकी थी. जिसमें शुक्रवार को अहले सुबह से ही लोग समाधि स्थल के पास इकठ्ठा होने लगे और साथ ही हंगामा भी किया. इस दौरान नगर निगम, जिला प्रशासन और स्थानीय थाना की ओर से भी स्थिति का जायजा लिया गया.

जिसमें आंधी से हाथ टूटकर गिरने की बात कही गयी. साथ ही मूर्ति पुरानी होने के कारण कमजोर होने की बात भी की गयी. इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से सिटी एसपी सुजाता वीणापाणी, मेयर आशा लकड़ा पहुंची. जिन्होंने लोंगों को समझाने की कोशिश की. लेकिन उग्र जनता हंगामा करती रही.

क्षतिग्रस्त होने का कारण स्पष्ट नहीं

भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है. समाधि स्थल के केयर टेकर को भी प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की वजह की जानकारी नहीं है. सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन और निगम के अधिकारी समाधि स्थल पर पहुंचे और गार्डों से पूछताछ की.

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