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रांची : तीन महीने में 90 अपराधी और पांच उग्रवादी गिरफ्तार, अपराधिक घटनाओं में आयी कमी

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Saurav Singh

Ranchi : रांची पुलिस ने पिछले तीन महीनों में 90 अपराधियों और पांच उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार हुए सभी उग्रवादी पीएलएफआई के थे. वहीं अगर पिछले पांच सालों की बात की जाए तो इस साल अपराधिक घटनाओं में कमी दर्ज की गई है. वहीं नक्सलियों और उग्रवादियों के द्वारा पोस्टरबाजी और वाहनों की आगजनी की घटना में भी कमी आई है.

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घटनाओं में आयी कमी

  • पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक रांची जिले में हत्या की घटनाएं पिछले पांच सालों की तुलना में इस साल कम हुए हैं. 2013 में 234, 2014 में 230, 2015 में 210, 2016 में 197, 2017 में 168 ,2018 में 186और 2019 में अबतक 43 हत्याएं हुई हैं जो कि पिछले 5 सालों की तुलना में कम है.
  • दुष्कर्म की घटना 2013 में 115, 2014 में 131, 2015 में 158, 2016 में 161, 2017 में 157, और 2018 में 179 और 2019 में 36 हुई है.
  • अपहरण की घटना 2013 में 133, 2014 में 188 ,2015 में 238, 2016 में 202 ,2017 में 197, और 2018 में 208 और 2019 में 55 हुई है.
  • डकैती की घटना 2013 में 29, 2014 में 26, 2015 में 26, 2016 में 28, 2017 में 20 ,और 2018 में 15 और 2019 में 3 हुई है.
  • नक्सल घटनाओं में जहां 2013 में 31, 2014 में 27, 2016 में 28, 2017 में 30, और 2018 में 25 और 2019 में अबतक मात्रा 4 मामले दर्ज हुए हैं.

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चोरी और छिनतई की घटनाओं में हुई बढ़ोतरी

अगर देखें तो हाल के दिनों में रांची पुलिस के लिए चोरी और छिनतई की घटनाओं को रोकना एक चुनौती बन गई है. हालांकि इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस ठोस कदम भी उठा रही है. इसके लिए टाइगर मोबाइल दस्ता का गठन किया गया. इस दस्ते में आरक्षियों को हटाकर उनकी जगह पर एएसआई स्तर के पुलिस अफसरों को तैनाती की गई.

जिन जमादारों को टाइगर मोबाइल में तैनात किया गया है, उनमें अधिकांश प्रोन्नत एएसआई हैं. रांची पुलिस की ओर से उन्हें मोटरसाइकिल भी मुहैया कराई गई है. बता दें रांची पुलिस के टाइगर मोबाइल दस्ते में 50 नई बाइक शामिल हो गई है. इससे जिन इलाकों में पुलिस की उपस्थिति नहीं दिखती थी, वहां भी टाइगर मोबाइल के जवान गस्त करते दिखेंगे.

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पोस्टरबाजी और आगजनी की घटनाओं में आई कमी

नक्सलियों के द्वारा लेवी के लिए दहशत फैलाने के उद्देश्य से पोस्टरबाजी और वाहनों में आग लगाने की घटनाओं में कमी आई है. पिछले तीन महीने के दौरान रांची पुलिस ने जहां पांच पीएलएफआई उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है वहीं नक्सलियों और उग्रवादियों  के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी कर रही है.

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नक्सलियों के खिलाफ चलाया जा रहा सर्च अभियान

सरायकेला में हुए नक्सली हमले के बाद जिन इलाकों में नक्सली कैंप कर रहे हैं, वे रांची से काफी नजदीक हैं. घने जंगलों का फायदा उठाकर नक्सली राजधानी के आसपास कोई बड़ा हमला कर सकते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए कुचाई से नजदीक के जंगलों में रांची पुलिस लगातार नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चला रही है.

बताया कि जिन स्थानों पर नक्सलियों ने तीन बार लैंडमाइन्स विस्फोट किया है, वे रांची के नक्सल प्रभावित तमाड़ और बुंडू से काफी नजदीक है. ऐसे में बम निरोधक दस्ता के साथ पुलिस लगातार इलाके में अभियान चला रही है. जिससे नक्सली खरसावां इलाके से राजधानी के जंगलों में पनाह ना ले सके.

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