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रामगढ़ : 10 दिनों बाद उग्रवादियों ने मुखिया के बेटे को किया रिहा

Ramgarh : उग्रवादी संगठन टीपीसी के दस्ते ने 16 जुलाई की देर रात को एक युवक का अपहरण कर लिया था. जिसे अपहरण के 10 दिन के बाद रिहा कर दिया गया है. युवक चितरपुर प्रखंड अंतर्गत सेवई दक्षिणी पंचायत की मुखिया राजकुमारी देवी का बेटा राजू कुमार है.

मुखिया राजकुमारी देवी के पुत्र व सड़क निर्माण कार्य एजेंसी के गार्ड राजू कुमार को गुरुवार की देर रात छोड़ दिया गया. राजू को उग्रवादियों ने किस शर्त पर छोड़ा है यह अभी पता नहीं चला है. 10 दिनों तक उसे कहां और कैसे रखा गया था, इसकी भी पुष्टि अभी तक नहीं हो पायी है.

राजू कुमार सड़क निर्माण कार्य एजेंसी क्लासिक इंजीकॉम में गार्ड के रूप में काम करता था. इसी दौरान राजू को नक्सलियों ने चितरपुर रेलवे ओवर ब्रिज से लेकर रजरप्पा मंदिर तक बन रहे फोरलेन सड़क निर्माण कार्यस्थल से अपहरण कर लिया था.

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नक्सलियों ने दी काम बंद करने की धमकी

सड़क निर्माण के बीच-बीच में कई जगहों पर पुल का निर्माण हो रहा है. राजू मंगलवार रात रजरप्पा मंदिर जाने वाले रास्ते में सांडी से कुछ दूर आगे एक अन्य गार्ड परमेश्वर साव के साथ ड्यूटी कर रहा था.

इसी बीच 8-10 की संख्या में पहुंचे टीपीसी के उग्रवादी मौके पर पहुंचे और राजू को कब्जे में ले लिया. वहीं उसके साथ काम कर रहे दूसरे गार्ड परमेश्वर साव को एक पर्चा दिया जिसमें मोबाइल नंबर लिखा था. उग्रवादियों ने परमेश्वर से कहा कि ठेकेदार उक्त नंबर पर संपर्क करे. साथ ही उन्होंने काम बंद करने की धमकी भी दी.

इसके बाद वे राजू को अपने साथ जंगल के रास्ते ले गए. पुलिस राजू के साथ ड्यूटी पर तैनात गार्ड परमेश्वर साव से पूछताछ कर रही है. उसने बताया कि सभी उग्रवादियों के चेहरे पर गमछा बंधा था. इसलिए उसने किसी का चेहरा नहीं देखा.

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जांच में जुटी थी पुलिस

उग्रवादियों के द्वारा गार्ड का अपहरण किए जाने का मामला सामने आने के बाद रामगढ़ पुलिस एसआईटी गठित कर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही थी. राजू की तलाश में पुलिस लगातार जुटी हुई थी. आखिरकार उग्रवादियों ने दस दिनों बाद राजू को रिहा कर दिया.

क्लासिक इंजीकॉम की साइट पर पहले भी हो चुका है हमला

3 फरवरी 2019 को रजरप्पा थाना क्षेत्र के होन्हे गांव में क्लासिक इंजीकॉम कंपनी की साइट पर उग्रवादियों ने देर रात हमला कर दिया था. उग्रवादियों ने निर्माण कार्य में लगे 10 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था.

इस हमले के बाद कंपनी ने लगभग पांच करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान जाहिर किया गया था. गौरतलब है कि क्लासिक इंजीकॉम सिकनी मोड़ से ललकी घाटी व बड़कीपोना से कुल्ही तक (दोनों सड़क) का निर्माण करवा रही थी. इसकी कुल लागत 100 करोड़ रुपये से अधिक बतायी जा रही है.

 

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