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भारत के इन राज्यों में अलग-अलग नाम से जानी जाती है रामायण, दुनिया के ये देश भी करते हैं राम की वंदना

Ayodhya. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या ने राम मंदिर निर्माण का शिलान्यास किया. इस दौरान पीएम मोदी ने यहां मौजूद साधु-संतों को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि राम हम सबके हैं राम हम सब में हैं. पीएम मोदी ने बताया कि दुनिया भर में लोग राम को अलग-अलग नामों से जानते हैं.

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भारत के किस राज्य में कौन सी रामायण?
जब भी रामायण का जिक्र आता है तब हम बाल्मिकी रामायण और तुलसीदास द्वारा रचित रामचरित मानस की बात करते हैं. लेकिन भारत के अलग-अलग राज्यों में रामायण का स्वरूप अलग-अलग है.

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पीएम मोदी ने अयोध्या में सभा को संबोधित करते हुए बताया कि तमिल में कंब रामायण, तेलुगु में रघुनाथ और रंगनाथ रामायण, उड़िया में रुईपात कातेड़पति रामायण, कन्नड़ में कुमुदेंदु रामायण, कश्मीर में रामावतार चरित, मलयालम में रामचरितम् नाम से रामयण पढ़ी जाती है. पीएम मोदी ने कहा कि गुरुगोविंद सिंह ने खुद गोविंद रामायण लिखी है.

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दुनिया में भी होती है राम की पूजा
पीएम मोदी ने कहा- अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग रामायणों में राम भिन्न-भिन्न रूपों में मिलेंगे. पर राम सब जगह हैं, राम सबके हैं. दुनिया के कितने ही देश राम का वंदन करते हैं. विश्व की सर्वाधिक मुस्लिम जनसंख्या जिस देश में है,वो हो इंडोनेशिया वहां हमारे देश की तरह स्वर्णद्वीप रामायण, योगेश्वर रामायण जैसी कई अनूठी रामायण वहां हैं.

कंबोडिया में रमकेड़ रामायण है, लाओस में फ्रालाप-फ्रालाप रामायण है मलेशिया में हिकायत श्रीराम रामायण है, थाईलैंड में रामाकेन है. श्रीलंका में रामायण की कथा जानकी हरण के नाम से सुनाई जाती है और नेपाल माता जानकी से जुड़ा है. आज भी भारत के बाहर दर्जनों ऐसे देश हैं. जहां रामकथा प्रचलित है.

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