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राज्य सभा सांसद महेश पोद्दार ने सरकार को फिर घेरा, कहा- कहीं टाटा हाइवे जैसा हाल न हो जाये सिवरेज-ड्रेनेज परियोजना का

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Ranchi: शहर में चल रही सिवरेज-ड्रेनेज परियोजना की अनियमितता को लेकर राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने नाराजगी जतायी है. इस संदर्भ में उन्होंने नगर विकास मंत्री सीपी सिंह को एक पत्र लिखा है. पत्र में सांसद ने परियोजना में भारी अनियमितता की बात कही है. साथ ही कहा है कि इस परियोजना का टाटा हाइवे जैसा हाल हो जायेगा. सांसद ने मंत्री सीपी सिंह को इस दिशा में फ़ौरन कार्रवाई करने का आग्रहल किया.

निर्माण में भारी गड़बड़ी

सीवरेज- ड्रेनेज परियोजना के क्रियान्वयन में बरती गयी घोर अनियमितता की बात करते हुए सांसद ने कहा है कि परियोजना का बेसिक काम अर्थात सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण अब तक हुआ ही नहीं है. लेकिन शहर में जगह-जगह सड़कें खोद कर छोड़ दी गयी हैं. कहीं भी निर्धारित प्राक्कलन के मुताबिक़ कॉमपैक्टिंग नहीं की गयी है. आनेवाले समय में जब बिना कॉम्पेक्टिंग की सड़क धंसेगी तो क्या हाल होगा, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है. निगम के लोगों ने ही स्वीकार किया कि कंक्रीट के जरिये सड़क को पूर्ववत समतल बनाने के बाद सही तरीके से क्युरिंग नहीं की गयी. आम लोगों का कहना है कि कहीं भी क्युरिंग नहीं की गयी. अर्थात सड़क का भविष्य वैसे भी संदिग्ध ही है. यदि ऐसा हुआ तो यह परियोजना अधर में लटक जायेगी, सरकार की बदनामी होगी, लोकवित्त का अपव्यय होगा और सरकार को जनता का कोपभाजन बनना पड़ेगा. पत्र की प्रतिलिपि नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव, रांची नगर निगम के महापौर, उप महापौर और नगर आयुक्त को भी भेजी गयी है.

 

गड़बड़ी करनेवालों को किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण

पत्र में सांसद ने इस बात का हवाला भी दिया है कि मंत्री सीपी सिंह इस परियोजना को लेकर स्वयं भी चिंतित और असंतुष्ट हैं. विगत दिनों इस परियोजना से सम्बंधित बैठक बुलाकर उन्होंने जो उद्गार व्यक्त किये उससे यह स्पष्ट भी होता है. पत्र में कहा है कि इस परियोजना के क्रियान्वयन के अनियमितता पूर्ण एवं अवैज्ञानिक तरीके पर आपत्ति दर्ज करते हुए उन्होंने इसके पूर्व भी नगर विकास मंत्री, रांची नगर निगम के नगर आयुक्त और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर समुचित कार्रवाई का आग्रह किया है. उन्होंने कहा है कि इन पत्रों में जो मुद्दे उठाये गए उससे कोई भी इनकार नहीं कर रहा है. स्पष्ट है कि परियोजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ी हुई है और इसके लिए कोई न कोई तो जिम्मेवार है. इसके बावजूद जिम्मेवार लोगों को चिन्हित कर कोई कार्रवाई नहीं की गयी और परियोजना का क्रियान्वयन कर रही एजेंसी को लगातार भुगतान किया जा रहा है. स्पष्ट प्रतीत होता है कि इस परियोजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ी करनेवालों को किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है. श्री पोद्दार ने इस बात पर चिंता जतायी है कि गड़बड़ियों के बावजूद जिस प्रकार जिम्मेवार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई से परहेज किया जा रहा है और भुगतान में जिस प्रकार तत्परता दिखाई जा रही है, यह मामला रांची – जमशेदपुर उच्चपथ की भांति एक बड़ा घोटाला साबित होगा. हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि उन्हें प्रसन्नता होगी यदि कोई उन्हें गलत साबित कर दे.

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