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राज्यसभा चुनावः कांग्रेस ने की झामुमो से त्याग और बलिदान की अपील

Ranchi : राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है. सत्ताधारी गठबंधन में प्रत्याशी को लेकर लगातार खींचतान जारी है. इसी कड़ी में बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने झामुमो से राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए सीट छोड़ने को लेकर त्याग और बलिदान की अपील की है. प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि गठबंधन में त्याग और बलिदान की जरूरत होती है. आपस में तालमेल जरूरी होता है.

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पिछले राज्यसभा चुनाव में झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन का गठबंधन के सभी दलों ने साथ दिया था. उनके नाम पर सभी एकमत थे, इस बार कांग्रेस पार्टी राज्यसभा की एक सीट चाहती है. इसको लेकर हमारे प्रदेश के सभी प्रमुख नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिल कर बातें रख दीं हैं. कहा कि राज्यसभा चुनाव पर अंतिम फैसला दिल्ली में होना है. झामुमो और कांग्रेस के नेता बहुत जल्द इसको लेकर दिल्ली में बैठक करेंगे. कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी बैठक का नेतृत्व करेंगी.

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आठ वर्षों से देश में नफरत और डर की राजनीति हावी

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री ठाकुर ने कहा कि आज आठ वर्षों के बाद पूरे देश में नफरत एवं डर की राजनीति हावी है. लोग डर के वातावरण में जीने को मजबूर हैं. धर्मांधता-रूढ़िवादिता का अंधकार फैलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक वर्गों, खास तौर से मुस्लिम, ईसाइयों व सिखों को निशाना बना रखा है. समाज में विभाजन का बीज बो कर व तुष्टिकरण की इस राजनीति को आधार बना भाजपा चुनावी जीत तलाशती है.

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देश के 84 प्रतिशत घरों की आय घटी

श्री ठाकुर ने कहा कि देश में बढ़ती आर्थिक असमानता के चलते 142 सबसे बड़े अमीरों की सम्पति तो एक साल में 30 लाख करोड़ बढ़ गयी. पर देश के 84 प्रतिशत घरों की आय घट गयी. 15 लाख हर खाते में आना तो दूर, बचत का पैसा भी लुट गया. केंद्र सरकार पहले लूटती है फिर छूट देती है. गर्त में गिरती अर्थव्यवस्था के चलते 1 अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हमारे रुपये की कीमत गिर कर 77.56 हो गयी, जो 75 साल में सबसे बड़ी गिरावट है. दूसरी ओर देश का क़र्ज़ साल 2014 में 55 लाख करोड़ से बढ़ कर साल 2022 में 135 लाख करोड़ हो गया. मोदी सरकार हर रोज़ 4,000 करोड़ का कर्ज लेती है. देश के हर नागरिक पर 1,00,000 का क़र्ज़ है.

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