Lead NewsNationalNEWSTOP SLIDER

Raju Srivastav Funeral: राजू श्रीवास्तव का दिल्ली में अंतिम संस्कार आज, सुबह 8 बजे से होंगे पार्थिव देह के अंतिम दर्शन

New Delhi : बुधवार को (21 सितंबर) सबके चहेते गजोधर भैया ने 42 दिन तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद अंतिम सांस ली. सबको हंसाने वाले राजू श्रीवास्तव रूलाकर चले गए. राजू श्रीवास्तव के अंतिम दर्शन गुरुवार सुबह 8 बजे से शुरू होंगे. इसके बाद दिल्ली में आज (गुरुवार) सुबह 9.30 बजे कॉमेडियन का अंतिम संस्कार किया जाएगा. राजू श्रीवास्तव की मौत से शोबिज इंडस्ट्री समेत पूरे देश में मातम पसरा हुआ है.

42 दिनों से थे अस्पताल में भर्ती

राजू श्रीवास्तव को 10 अगस्त को कार्डियक अरेस्ट के बाद दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था. 58 साल के राजू श्रीवास्तव होटल की जिम में वर्कआउट कर रहे थे. तभी अचानक ट्रेडमिल पर चल रहे राजू को कार्डियक अरेस्ट आया और वे नीचे गिर गए. इससे उनके सिर पर गंभीर चोट आई. राजू को दिल्ली के एम्स ले जाया गया. वे तुरंत वेंटिलेटर पर शिफ्ट किए गए. राजू को एम्स के एक्सपर्ट डॉक्टर्स ने बचाने की पूरी कोशिश की थी. बीच में राजू की तबीयत में सुधार होता हुआ भी नजर आ रहा था. उनकी बॉडी में मूवमेंट होने की खबरें  थीं. परिवार और फैंस को आस थी कि राजू ठीक हो जाएंगे, पर राजू  सभी की उम्मीदों को तोड़ते हुए अलविदा कह गए. राजू अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं. राजू श्रीवास्तव के परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है. ये पल राजू और उनके सभी चाहने वालों के लिए बेहद मुश्किल है.

Sanjeevani

कॉमेडी शो से राजू को मिली थी पहचान

राजू श्रीवास्तव शोबिज इंडस्ट्री का जाना माना नाम थे. उन्होंने कई फिल्मों और शोज में काम किया था. रियलिटी शोज में भी राजू ने पार्टिसिपेट किया था. राजू को मगर पहचान कॉमेडी शो The Great Indian Laughter Challenge से मिली थी. इस शो से मिली सक्सेस के बाद राजू ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा था. वे करियर की बुलंदियों को छूते रहे. राजू श्रीवास्तव एक्टर, कॉमेडियन होने के साथ साथ नेता भी थे. वे बीजेपी से जुड़े थे. राजू का बिना किसी गॉडफादर के इतनी सफलता हासिल करना इंस्पायरिंग है. राजू के बारे में एक बात जो उनके सभी जानने वालों से सुनने को मिलेगी, वो थी उनकी नेक शख्सियत. राजू अच्छे कलाकार इसलिए भी थे क्योंकि वे बेहतरीन इंसान थे. जरूरतमंदों की मदद करने में राजू सबसे आगे रहते थे. वाकई में कहना पड़ेगा, राजू बस एक ही थे, उनके जैसा ना कोई था, ना कोई होगा.

इसे भी पढ़ें: Jamshedpur : बारीडीह काली मंदिर के सदस्यों ने सिदगोड़ा थाना प्रभारी पर लगाया मारपीट करने का आरोप

 

Related Articles

Back to top button