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रजनीकान्त ने तमिलनाडु से चुनाव लड़ने का किया एलान, बीजेपी में आने की अटकलें तेज

अन्नाद्रमुक का एक धड़ा भी आ सकता है साथ

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Chennai: रजनीकान्त ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वन नेशन, वन इलेक्शन मुहिम का समर्थन किया है. उन्होने कहा है कि इससे समय और पैसे की बचत होगी. उन्होने बाकि पार्टियों को भी इस मुहिम का समर्थन करने की अपील की.

दक्षिण की राजनीति में बीजेपी दमदार उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है. मिशन 2019 के लिहाज से दक्षिण के राज्य मतलब केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु भाजपा की रणनीति में प्राथमिकता पर हैं. अमित शाह का कैल्कूलेशन है कि अगर महागठबंधन हुआ तो उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान में पिछले लोकसभा के मुकाबले 30- से 40 सीटों की कमी आ सकती है ऐसे में इन सीटों की भरपाई दक्षिण भारत और उत्तर पूर्व से किया जा सकता है.

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समय और पैसे की होगी बचत- रजनीकांत

अगला विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान करते हुए रजनीकांत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ मुहिम का वो समर्थन करते हैं क्योंकि इससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी. उन्होने कहा कि सभी पार्टियों को इसपर पीएम मोदी का साथ देना चाहिए क्योंकि ये देश के लिए अच्छा है.

‘लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला बाद में’

रजनीकांत ने साफ किया है कि वे अगला विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वे लोकसभा चुनाव भी लड़ने वाले हैं ? इसपर सुपरस्टार का कहना था कि इसका फैसला बाद में लिया जाएगा. रजनीकांत ने ये भी कहा कि देश के विकास के लिए 8 लेन जैसी सड़क परियोजनाएं परियोजनाएं आवश्यक हैं. अन्य राज्यों की तुलना में तमिलनाडु का एजुकेशन सिस्टम काफी बेहतर है.

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तमिलनाडु में बीजेपी-रजनीकांत और अन्नाद्रमुक के एक धड़े का बनेगा त्रिकोण

सीटों के लिहाज से तमिलनाडु दक्षिण भारत का सबसे बड़ा राज्य है. राज्य में बीजेपी की उपस्थिति न के बराबर है. जयललिता की मौत और करुणानीधि की खराब तबियत के कारण तमिल राजनीति में बड़ा शून्य पैदा हुआ है. व्यक्तिगत करिश्मा के सहारे टिकी तमिल राजनीति में बीजेपी को रजनीकांत के चेहरे की सख्त जरुरत है. रजनीकांत ही ऐसे शख्स हैं जो जयललिता और करुणानीधि के शून्य को पाट सकते हैं. लेकिन सिर्फ चेहरे से बात नहीं बनेगी. चेहरे के सहारे जुटे जनसैलाब को वोट में बदलने के लिए मजबूत संगठन की जरुरत पड़ेगी. इसके लिए अन्नाद्रमुक के एक धड़े को साधने में बीजेपी पिछले दो सालों से जुटी है. अगर तमिलनाडु में अमित शाह का फॉर्मूला सेट कर गया तो अगले लोकसभा चुनाव में बीजेपी राज्य से अच्छी-खासी सीटों की उम्मीद कर सकती है.

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर बंटी सियासी पार्टियां

प्रधानमंत्री मोदी के ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को समाजवादी पार्टी, जेडीयू, तेलंगाना राष्ट्र समिति का समर्थन मिला है. तमिलनाडु की बात करें तो डीएमके ने इसका विरोध किया है तो अन्नाद्रमुक ने इसका समर्थन किया है.

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