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राजनाथ ने केजरीवाल के जले पर नमक छिड़का: राघव चड्ढा

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New Delhi: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा ने केजरीवाल पर हमला मामले में भाजपा और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा है कि दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर हमले का चश्मदीद गवाह होने के नाते मैं हतप्रभ हूं. लेकिन उसके बाद दायित्वपूर्ण पदों पर आसीन व्यक्तियों का रवैया ज्यादा हैरान करने वाला है.

श्री चड्ढा ने कहा है कि दिल्ली पुलिस एलजी के अधीन है. इसके बावजूद एलजी ने मुख्यमंत्री पर हमले की निंदा तक नहीं की और कोई बयान भी जारी नहीं किया. यह बात कोई रहस्य नहीं रही कि एलजी अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर काम कर रहे हैं. लेकिन नागरिकों की सुरक्षा के अपने दायित्व तक का निर्वहन नहीं करना शर्मनाक है.

पुलिस खुद संज्ञान क्‍यों नहीं लेती

आज जारी बयान में राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली पुलिस पर केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय का नियंत्रण है. लेकिन गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना की निंदा नहीं की. इसके बदले उन्होंने जले पर नमक छिड़कने के लिए अरविन्द केजरीवाल को फोन करके घटना की एफआईआर दर्ज कराने की सलाह दे डाली. क्या इसका मतलब यह निकाला जाये कि दिल्ली की जनता के चुने हुए मुख्यमंत्री पर हमले का दिल्ली पुलिस खुद संज्ञान नहीं लेगी? अगर ऐसा हमला प्रधानमंत्री पर होता है, तो क्या वह भी किसी थाने में जाकर मामला दर्ज कराएंगे?

श्री चड्ढा ने कहा कि मुख्यमंत्री पर यह चौथा हमला है. दिल्ली पुलिस ऐसे मामलों को दर्ज करने तक से इंकार कर देती है. क्या यह दिल्ली पुलिस और भाजपा की मिलीभगत का नतीजा है? इससे अरविंद केजरीवाल को लेकर भाजपा का भय भी साफ दिखता है.

हमलावर से पुलिस कर रही नरमी

उन्होंने कहा कि एक और दुखद तथ्य एक वीडियो में सामने आया है जिसमें पुलिस उस हमलावर से पूछताछ कर रही है. आम तौर पर सभी लोगों से कड़ाई से पेश आने वाली पुलिस उस हमलावर से ऐसे बर्ताव कर रही है, मानो कोई रिश्तेदार हो. क्या अपने मुख्यमंत्री पर हमला करने वाले से ऐसी नरमी बरतेगी पुलिस? क्या यह नैतिक और पेशागत उसूलों के अनुकूल है? इससे यह साफ संकेत जाता है कि भाजपा से जुड़े गुंडातत्वों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है.

राघव चड्ढा ने कहा है कि अनुसार हमलावर के फेसबुक अकाउंट को देखने से साफ़ पता चलता है कि वह भाजपा के जहरीले प्रोपेगंडा का शिकार है. वह खुद को राष्ट्रवादी बताता है और एक ऐसे लोकप्रिय जननायक पर हमला करता है, जिसे ऐतिहासिक जनादेश मिला हो. वह खुद को भाजपा प्रचारक और देशभक्त बताता है. उसकी उन्मादी हरकतों को पुलिस ने संरक्षण दे रखा है क्योंकि वह भाजपाई है. दिल्ली पुलिस तो भाजपा से जुड़े हर गुंडे का दामाद की तरह स्वागत करती है.

केजरीवाल पर हमला जनादेश पर हमले जैसा

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर काम करते हुए दिल्ली पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि अरविंद केजरीवाल को कोई सुरक्षा व्यवस्था न मिले. भारत के चुनावी इतिहास में अरविंद केजरीवाल ने सर्वाधिक बड़े जनादेश के साथ सफलता पायी. उन पर हमला किसी व्यक्ति पर नहीं बल्कि जनादेश पर हमला है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जीवन को खतरे में डालने का जवाब भाजपा और दिल्ली पुलिस को देना होगा.

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