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राजनाथ सिंह ने स्वीकार किया,  यूपी में महागठबंधन बना तो भाजपा 15-20 सीटों के घाटे में रहेगी

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Raipur : यूपी में भाजपा विरोधी महागठबंधन हुआ तो भाजपा को 15-20 सीटों का नुकसान होने की संभावना  है. केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा के सीनियर नेता राजनाथ सिंह का यह मानना है. छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रचार करने आये राजनाथ ने इकनॉमिक टाइम्स से बातचीत के क्रम में यह बात स्वीकार की.  बता दें कि यह पहली बार है जब भाजपा के किसी केंद्रीय नेता ने यूपी में विपक्षी दलों के प्रस्तावित महागठबंधन से हो सकने वाले नुकसान की बात प्रत्यक्ष रूप से मानी है.  इस क्रम में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा की जीत-हार की संभावनाओं के संदर्भ में राजनाथ सिंह ने कहा कि सत्ता विरोधी लहर हमेशा किसी न किसी रूप में रहती है, चाहे सरकार दो, चार या पांच वर्षों के लिए रहे, लेकिन  इन तीनों राज्यों में सत्ता विरोधी लहर का कोई बड़ा प्रभाव नहीं नजर आ रहा.  मुझे लगता है कि इन सरकारों के अच्छे कार्यों के कारण लोग अधिकतर लोग इनके पक्ष में हैं.  राजस्थान को लेकर स्वीकार किया कि कुछ माह पहले तक परिस्थितियां भाजपा के पक्ष में नहीं थीं. बाद में यहां हालात तेजी से बदले हैं. मुझे लगता है कि भाजपा राजस्थान में अगली सरकार बनायेगी.

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भाजपा और पीएम मोदी ही गुड गवर्नेंस दे सकते हैं.

इकनॉमिक टाइम्स के इस सवाल पर कि  कांग्रेस ने इन तीनों राज्यों में किसान कर्ज माफी का वादा किया है पर भाजपा ने नहीं. जवाब था कि किसान रमन सिंह की सरकार से संतुष्ट हैं. कहा कि छत्तीसगढ़ पहला ऐसा राज्य है जिसने चावल खरीद मूल्य पर बोनस देने की शुरुआत की है. मध्य प्रदेश ने भी ऐसा हुआ. कांग्रेस के बारे में कहा कि वह एक बार लोन माफ कर सकती है लेकिन वह बोनस नहीं दे सकती. किसान इस बात को जानते हैं. यह पूछे जाने पर कि महागठबंधन मोदी की वापसी का रास्ता मुश्किल कर सकता है. राजनाथ सिंह का कहना था कि वे ऐसा नहीं मानते.  पीएम ने देश में खुद की प्रतिष्ठा बनाई है.  लोगों को महसूस होता है कि केवल भाजपा और पीएम मोदी ही गुड गवर्नेंस दे सकते हैं.  2019 में हमको पूर्ण बहुमत मिलेगा.  कहा कि कोई भी अस्थिर खिचड़ी सरकार नहीं चाहता. पूर्व में भाजपा को यूपी के सभी उपचुनावों में हार मिलने के संदर्भ में कहा कि अगर तीन-चार पार्टियां हाथ मिला लेती हैं तो हमारी सीटें कुछ कम हो सकती हैं लेकिन यह कोई बड़ा झटका नहीं होगा. उपचुनाव अलग होते हैं.  यूपी के लोग देखेंगे कि कौन सी पार्टी केंद्र में स्थाई सरकार देगी और वोट प्रतिशत उसी पार्टी के पक्ष में बढ़ेगा.

कहा कि सपा-बसपा का काडर वोट भले उनेके साथ चले जायें,  लेकिन फ्लोटिंग वोट भाजपा के पास आयेगा. यूपी में महागठबंधन होने पर राजनाथ का आकलन था कि 73 सीटों में भाजपा को 10-15-20 सीटें कम मिल सकती हैं, लेकिन यह कोई बड़ा झटका नहीं होगा.

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चौकीदार चोर है, कहना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है

चुनावी सभाओं में राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री के संदर्भ में चौकीदार चोर है, कहे जाने पर कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है.  एक मजबूत लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति को शिष्टता का दायरा पार नहीं करना चाहिए.  जो वह कह रहे हैं, वह प्रधानमंत्री के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता.  मैं भी विपक्ष में था, लेकिन मैंने कभी ऐसे बयानों का इस्तेमाल नहीं किया. राहुल गांधी का आरोप कि प्रधानमंत्री ने राफेल डील में घोटाला किया है और पैसा खाया है. लोग इस पर कितना विश्वास करेंगे? पूछे जाने पर राजनाथ ने कहा कि मोदीजी पैसा खायेंगे तो किसके लिए खायेंगे. अपनी बेटी, अपने बेटे या अपने परिवार के लिए? उनके परिवार में कौन है जिसके लिए वह पैसा खाएंगे? जनता कभी भी राहुल के मोदी के बारे में बयान पर विश्वास नहीं करेगी.  राफेल पर नहीं बोलने के आरोप के सवाला पर  कहा कि प्रधानमंत्री को क्यों बोलना चाहिए? ऐसे फालतू लोग बोलते रहेंगे, तो प्रधानमंत्री क्यों जवाब दें? हमारे मंत्री इस मुद्दे पर बोल रहे हैं और प्रधानमंत्री को इस पर बोलने की कोई जरूरत नहीं है.

राम मंदिर पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा कानून बनाने और 1992 जैसा आंदोलन शुरू करने के बयान पर भाजपा की चिंता के संदर्भ में कहा कि हम ऐसी कोई स्थिति नहीं बनने देंगे जिससे चिंता हो. मुझे लगता है कि अधिकतर लोग चाहते हैं कि मंदिर एक शांतिपूर्ण और अच्छे माहौल में बनाया जाये.  ऐसा होने पर लोग खुश होंगे. राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के इंतजार को लेकर कहा कि अभी कुछ नहीं कहा जा सकता.  हमने इस मुद्दे पर कोई बैठक नहीं की है.  वरिष्ठ मंत्रियों और प्रधानमंत्री के इस पर बैठक करने से पहले मैं अकेले कुछ नहीं कह सकता.

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