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Rajiv Gandhi death anniversary : राजीव गांधी को जमशेदपुर से था खास लगाव, यहां से लौटने के 14 द‍िन बाद बने थे भारत के प्रधानमंत्री

Abhishek Piyush, Jamshedpur : भारत में बदलाव के अग्रदूतों में शुमार राजीव गांधी की आज पुण्यतिथि है. देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जमशेदपुर से भी खासा लगाव था. 40 वर्ष की उम्र में प्रधानमंत्री बननेवाले राजीव गांधी भारत के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री थे. पेशे से पायलट राजीव गांधी बहुत ही सौम्य और शांत स्वभाव के थे. राजीव गांधी पहली बार 1983 में अपनी मां तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ लौहनगरी (जमशेदपुर) आये थे. उस वक्त टाटा स्टील की प्लैटिनम जुबिली मनाई जा रही थी.

इसके बाद राजीव गांधी सांसद के रूप में भी जमशेदपुर आ चुके हैं. उन्होंने 18 अक्तूबर 1984 को टाटा वर्कर्स यूनियन के माइकल जॉन प्रेक्षागृह का उद्घाटन किया था. बतौर प्रधानमंत्री राजीव गांधी अपने कार्यकाल के दौरान बेहद लोकप्रिय रहे थे, उनकी युवा सोच का हर कोई कायल था. बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम के उद्घाटन के वक्त राजीव गांधी ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव और सांसद हुआ करते थे. माइकल जॉन ऑडिटोरियम के शिलान्यास कार्यक्रम में राजीव गांधी के साथ उनके पुत्र राहुल गांधी भी आये थे. माइकल जॉन ऑडिटोरियम का शिलान्यास करने से पहले उन्होंने सर्किट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी की थी. बैठक के बाद उन्होंने कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की थी. इसके साथ ही कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने राजीव गांधी की शहर में अगवानी की थी. तब राजीव गांधी ने जमशेदपुर शहर में लगभग ढाई घंटे समय बिताया था.

शहर के बारे में कंपनी के अधिकारियों से किये थे कई सवाल

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राजीव गांधी ने टाटा स्टील के अधिकारियों से जमशेदपुर शहर और टाटा स्टील के बारे में बहुत से सवाल भी किये थे. तब रूसी मोदी टाटा स्टील के सीएमडी और वीजी गोपाल टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष हुआ करते थे. राजीव गांधी ने दोनों से टाटा स्टील और कर्मचारियों के बारे में अलग से बातचीत भी की थी. राजीव गांधी के जमशेदपुर दौरे के 14 दिन बाद ही तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या हो गई थी. इसके बाद राजीव गांधी को देश का प्रधानमंत्री घोषित किया गया था.

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इन शख्‍स‍ियतों का भी हो चुका है आगमन

19 दिसंबर 1965 को तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री टाटा स्टील के समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे और उन्होंने टाटा स्टील के प्लांट का अवलोकन किया था. टाटा स्टील के 75 वर्ष पूरा होने पर 1982 में प्लैटिनम जुबिली समारोह में तब की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी शामिल हुई थीं. 1984 में इंदिरा गांधी ने आदित्यपुर दूरदर्शन प्रसारण केंद्र का उद्घाटन किया था. 1991 में अंतरराष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल मैच को देखने तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव जमशेदपुर पहुंचे थे. वहीं 9 फरवरी 2000 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने साकची स्थित बारी मैदान में चुनावी सभा को संबोधित किया था. उसके बाद टाटा स्टील के 100 साल पूरा होने के उपलक्ष्य में 22 अप्रैल 2008 को आयोजित समारोह में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शामिल हुए थे, जबकि 24 अप्रैल 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जमशेदपुर में देशभर के करीब छह हजार पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित किया था.

1944 में मुंबई में जन्म, लंदन से की मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई

राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को बंबई में हुआ था. वे सिर्फ तीन वर्ष के थे जब भारत स्वतंत्र हुआ. राजीव गांधी ने अपना बचपन अपने दादा के साथ तीन मूर्ति हाउस में बिताया. जहां इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री की परिचारिका के रूप में कार्य किया. वे कुछ समय के लिए देहरादून के वेल्हम स्कूल गये, लेकिन जल्द ही उन्हें हिमालय की तलहटी में स्थित आवासीय दून स्कूल में भेज दिया गया. वहां उनके कई मित्र बने जिनके साथ उनकी आजीवन दोस्ती बनी रही. स्कूल से निकलने के बाद राजीव गांधी कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज गये, लेकिन जल्द ही वे वहां से हटकर लंदन के इम्पीरियल कॉलेज चले गये. जहां उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की.

आसमान में सैर करना जुनून था, मां की हत्या के बाद राजनीति

राजीव गांधी का आसमान में सैर करना सबसे बड़ा जुनून था. इंग्लैंड से घर लौटने के बाद उन्होंने दिल्ली फ्लाइंग क्लब की प्रवेश परीक्षा पास की एवं वाणिज्यिक पायलट का लाइसेंस प्राप्त किया. जल्द ही वे घरेलू राष्ट्रीय जहाज कंपनी इंडियन एयरलाइंस के पायलट बन गये, लेकिन 1980 में एक विमान दुर्घटना में उनके भाई संजय गांधी की मौत ने सारी परिस्थितियां बदल दी. उनपर राजनीति में प्रवेश करने एवं अपनी मां को राजनीतिक कार्यों में सहयोग करने का दवाब बन गया. वहीं 31 अक्टूबर 1984 को अपनी मां की हत्या के बाद वे कांग्रेस अध्यक्ष एवं देश के प्रधानमंत्री बने थे.

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