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राजस्थान : पुजारी परिवार का धरना खत्म, गहलोत सरकार का 10 लाख मुआवजा, नौकरी का वादा, अंतिम संस्कार किया गया  

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार को दोषियों को सख्त सजा दिलाकर परिवार को तुरंत न्याय दिलाना चाहिए

 Jaipur :  राजस्थान के करौली में मंदिर के पुजारी को जिंदा जलाये जाने का मामला तूल पकड़ रहा था, लेकिन अब इसका हल निकल गया है. इस मामले  में भाजपा लगातार हमलावर थी. गहलोत सरकार ने पीड़ित परिवार की मांगें मान ली हैं. खबर है कि राजस्थान सरकार द्वारा परिवार से 10 लाख रुपये और एक संविदा कर्मी की नौकरी का वादा किया गया है.

साथ ही प्रधानमंत्री मंत्री आवास योजना के तहत एक लाख रुपये पीड़ित परिवार को दिये जायेंगे. राज्य प्रशासन ने परिवार को अनुबंध पर नौकरी, इंदिरा आवास, 10 लाख की आर्थिक सहायता के साथ साथ आरोपियों की गिरफ्तारी का भी आश्वासन दिया है. इसके बाद परिजनों का धरना शनिवार को खत्म हो गया.पुजारी के पार्थिव शरीर को संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाया गया.  वहां उनका अंतिम संस्कार किया गया.

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जयपुर से एक एसआईटी का गठन किया जायेगा

इस मामले की जांच के लिए जयपुर से एक एसआईटी का गठन भी किये जाने की खबर है.   बता दें कि पुजारी बाबूलाल के परिवार ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद से प्रशासन लगातार परिवार को मनाने में जुटा था ताकि वह अपना धरना खत्म कर दे. ।

पुजारी को कथित रूप से जलाने की घटना के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बात की थी.  इस दौरान राज्यपाल ने चिंता जताई.  सीएम ने आश्वासन दिया कि मामलों की जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा.

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मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया

आपको बता दें कि इस मामले के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले पुजारी बाबूलाल के रिश्तेदार ललित ने कहा था कि हम चाहते हैं कि 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले.  सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और आरोपियों का समर्थन करने वाले पटवारी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.  पुजारी के परिवार को सुरक्षा भी मिलनी चाहिए.

पुलिस के अनुसार घटना सापोटरा के बूकना गांव की है.  वहां बुधवार को एक मंदिर के पुजारी बाबू लाल वैष्णव पर पांच लोगों ने हमला किया।. आरोप है कि मंदिर के पास की खेती की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे इन लोगों ने पुजारी पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी.  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा है, सपोटरा में बाबूलाल वैष्णव जी की हत्या अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है, सभ्य समाज में ऐसे कृत्य का कोई स्थान नहीं है.

प्रदेश सरकार इस दुखद समय में शोकाकुल परिजनों के साथ है. घटना के प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है एवं कार्रवाई जारी है। दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा.

पुलिस के अनुसार  मरने से पहले पुजारी ने पुलिस को बताया था कि कैलाश मीणा अपने साथियों शंकर, नमो, किशन और रामलखन के साथ मंदिर के बाड़े पर कब्जा कर छप्पर लगा रहा था.  मैंने विरोध किया तो पेट्रोल डालकर आग लगा दी.  मेरा परिवार मंदिर की 15 बीघा जमीन पर खेती कर अपना गुजारा करता है.

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बाबूलाल वैष्णव सपोटरा तहसील के बूकना गांव के पुराने राधाकृष्ण मंदिर में पुजारी थे

बाबूलाल वैष्णव सपोटरा तहसील के बूकना गांव के पुराने राधाकृष्ण मंदिर में पुजारी थे.  ग्रामीणों ने मंदिर के लिए खेती की जमीन दान दी थी, जो राजस्व रिकॉर्ड में मंदिर माफी में दर्ज है. एक महीने पहले कुछ लोग जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करने लगे. पुजारी ने इसकी शिकायत की थी. 4-5 दिन पहले भी गांव के 100 घरों की बैठक हुई थी, जिसमे पंचों ने पुजारी का समर्थन किया था.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार को दोषियों को सख्त सजा दिलाकर परिवार को तुरंत न्याय दिलाना चाहिए.

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