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राजस्थानः पायलट समेत 19 विधायकों को मिले स्पीकर के नोटिस पर हाईकोर्ट आज सुना सकती है फैसला

पायलट खेमे को घेरने की तैयारी में गहलोत, जल्द साबित कर सकते हैं बहुमत

Jaipur: राजस्थान की राजनीति में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच जंग जारी है. सूबे के पूर्व डिप्टी सीएम पायलट समेत 19 विधायकों को विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी द्वारा दल-बदल के कानून के तहत दिए गए नोटिस पर सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट निर्णय सुना सकता है.

बता दें कि सचिन पायलट स्पीकर के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे थे. जहां शुक्रवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 21 जुलाई तक स्पीकर को किसी तरह का एक्शन नहीं लेने का निर्देश दिया था. मामले पर 20 जुलाई यानी आज फिर सुनवाई होनी है.

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पार्टी के खिलाफ कोई काम नहीं किया- पायलट समर्थक

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सोमवार को हाईकोर्ट का फैसला आ सकता है. लेकिन जैसी परिस्थिति बनी है कि पायलट और उनके समर्थक विधायकों को अदालत से राहत मिल भी गई तो उनकी सदस्यता पर तलवार लटकी रहेगी. दरअसल, पायलट खेमे के विधायकों का कहना है कि उन्होंने पार्टी विरोधी कोई काम नहीं किया है, ऐसे में उनके खिलाफ अनुशासन की कोई कार्रवाई वैध नहीं है.

और स्पीकर के नोटिस को हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए इन विधायकों ने कहा है कि विधायक दल की बैठक में भाग नहीं लेने के आधार पर किसी को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता है.

विधानसभा का सत्र बुला सकते हैं गहलोत

पायलट और उनके समर्थकों को घेरने के लिए सीएम अशोक गहलोत विधानसभा का सत्र बुला सकते हैं. और बहुमत साबित कर सकते हैं. माना जा रहा है कि शनिवार को सीएम ने गवर्नर से मुलाकात भी इसी को लेकर की थी, हालांकि इसे एक शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है.

पार्टी के एक नेता ने कहा कि सचिन पायलट समर्थक लगातार तीस विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे हैं. ऐसे में विधानसभा में गहलोत द्वारा बहुमत साबित करने से सचिन पायलट और समर्थकों का दावा खत्म हो जाएगा. साथ ही सचिन पायलट और उनके समर्थकों को कांग्रेस की तरफ से व्हिप जारी होने के बाद वोट डालने के लिए आना पड़ेगा. अगर वो ऐसा नहीं करते हैं, तो पार्टी को उनकी सदस्यता रद्द करने का एक और आधार मिल जायेगा.

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