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राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह आचार संहिता उल्लंघन के दोषी, आयोग ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

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New Delhi : राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. यह मुश्किलें उनके लिए इसलिए बढ़ी हैं क्योंकि उन्होंने कार्यकर्ताओं को समझाते हुए यह कहा था कि मोदी को फिर से पीएम बनाना चाहिए. इसके बाद राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के इस बयान को लेकर चुनाव आयोग बेहद सख्त हो गया है. इसकी शिकायत राष्ट्रपति से भी कर दी गई है.

जिसके बाद उन्हें चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया है. क्योंकि एक संवैधानिक पद पर होते हुए ऐसी बात कहना आचार संहिता का उल्लंघन है.

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चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

चुनाव आयोग ने राज्यपाल कल्याण सिंह के बयान पर कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सोमवार रात पत्र लिखा. आयोग ने पत्र में राज्यपाल के बयान की शिकायत की है. चुनाव आयोग ने सोमवार देर शाम इस मुद्दे को लेकर बैठक की. जसके बाद यह फैसला लिया गया कि राष्ट्रपति को इस संबंध में पत्र लिखा जाएगा. पत्र में राष्ट्रपति से इस मामले में समुचित संज्ञान लेने की अपील की गयी है.

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क्या कहा था

कल्यान सिंह ने 23 मार्च को अलीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह कहा था कि हर कोई चाहता है कि मोदी की जीत हो और देश के लिए भी यह जरूरी है.

उन्होंने कहा था कि हम सभी लोग बीजेपी कार्यकर्ता हैं इसलिए हम जरूर चाहेंगे कि बीजेपी की जीत हो. मोदी का फिर से प्रधानमंत्री बनना इस देश के लिए बहुत जरूरी है. और यह समाज के लिए भी जरूरी है.

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लोगों ने जमकर किया हंगामा

उल्लेखनीय है कि कल्याण के मोदी को पीएम बनाने की बात कहने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुए थे. जिसके बाद लोगों ने राज्यपाल के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी कर प्रदर्शन किया. लोगों ने राज्यपाल का पुतला दहन कर डंडों से भी पीटा.

लोगों ने इसकी शिकायत की. शिकायत मिलते ही चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह से जानकारी मांगी. जानकारी मिलते ही आयोग ने सभी तथ्यों की जांच की और इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना.

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