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पलामू: 60 साल पुराना फाटक बंद करेगा रेलवे, ग्रामीण उतरे विरोध में

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Palamu:   सोननगर-गढ़वारोड रेलखंड पर जपला-हैदरनगर रेलवे स्टेशन के बीच स्थित नावाडीह में स्थित करीब 60 साल पुराने रेलवे फाटक (सम्पार) को बंद करने की तैयारी चल रही है. बुधवार को जब रेलवे के अधिकारी फाटक को बंद करने पहुंचे तो ग्रामीण उग्र हो गये और हंगामा किया. ग्रामीणों के आन्दोलन के कारण फिलहाल फाटक को बंद करने की कार्रवाई स्थगित कर दी गयी.  दोपहर में जब रेलवे के अधिकारी आरपीएफ के साथ जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे तो ग्रामीण विरोध में उतर आये. ग्रामीणों ने कहा कि रेल लाइन को पार कर ही उनका किसी गांव में आना-जाना होता है. फाटनक बंद हो जाने से उनका दूसरे गांवों से संपर्क ही कट जायेगा. या वहां तक पहुंचना कठिन हो जायेगा. कहा कि अनेकों बार रेल मंडल प्रबंधक को इस संबंध में लिखित आवेदन दिया जा चुका है. लेकिन अबतक उनकी बातों पर गौर नहीं किया गया.

2012 से फाटक बंद करने की हो रही है कोशिश

नावाडीह में फाटक को बंद करने की यह कोशिश पहली बार नहीं है. 2012 से से ही यह प्रक्रिया शुरू की गयी है. ग्रामीणों ने बताया कि 2012 में पलामू के तत्कालीन सांसद कामेश्वर बैठा को आवेदन देकर फाटक बंद नहीं करने की मांग की गयी थी. कामेश्वर बैठा की अनुशंसा पर फाटक बंद करने के पूर्व गेट संख्या 49 से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण कराने की बात कही गयी थी. मगर आजतक सड़क का निर्माण नहीं हो सका. ग्रामीणों ने रेल निरीक्षक जपला को तत्काल आवेदन देकर रेल फाटक बंद नहीं करने का आग्रह किया है.

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ग्रामीणों को दिया गया 15 दिन का समय

आवेदन प्राप्त होने पर जपला आरपीएफ के पोस्ट प्रभारी एसपी सिंह ने सामाजिक स्तर पर ग्रामीणों को पंद्रह दिनों का समय दिया है. पोस्ट प्रभारी ने बताया कि पंद्रह दिनों के अंदर ग्रामीणों को सरकार से रेल फाटक को चालू रखने का पत्र निर्गत करा लेने का निर्देश दिया है. अन्यथा पंद्रह दिनों के बाद रेल फोटक हर हाल में बंद करा दिया जायेगा.

सांसद से लगायेंगे गुहार

15 दिनों का समय मिलने के बाद अब ग्रामीणों ने पलामू के सांसद वीडी राम से मिलकर इस समस्या का समाधान कराने का फैसला किया है. ग्रामीणों ने कहा कि सांसद से फाटक 49 तक सड़क निर्माण कराने की मांग की जायेगी.

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