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पिछले 5 वर्षों में रेलवे ने बढ़ायी है दिव्यांगों के लिए सुविधाएं

राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न पर सरकार ने दी जानकारी

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Ranchi: भारतीय रेल ने विगत चार वर्षों में रेलवे स्टेशनों एवं यात्री रेलगाड़ियों को दिव्यांगजनों के लिए सुविधाजनक बनाने के कई प्रयास किये हैं. दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्‍टेशनों पर किये जा रहे प्रबंधों में स्टैंडर्ड रैम्प, पार्किंग स्थान का निर्धारण, पार्किंग लॉट से स्टेशन बिल्डिंग तक फिसलन रहित मार्ग, समुचित दृश्यता के संकेतक, पीने के पानी का नल, भूतल पर शौचालय, ‘क्या मैं आपकी सहायता कर सकता हूं बूथ’, प्लेटफार्मों के किनारों पर एन्ग्रेविंग, एक प्लेटफ़ॉर्म से दूसरे प्लेटफार्म तक आवागमन की सुविधा आदि शामिल हैं. इसी प्रकार, सवारी ट्रेनों में भी दिव्यांग जनों का ध्यान रखते हुए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गयी हैं. राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के एक प्रश्न का लिखित उत्तर देते हुए रेल राज्‍यमंत्री राजेन गोहांई ने यह जानकारी दी.

5824 करोड़ रुपये हुए हैं खर्च

रेल राज्यमंत्री ने बताया कि दिव्यांग जनों को उपलब्ध करायी जानेवाली सुविधाओं पर होनेवाले व्यय का अलग शीर्ष (Head) नहीं है. पिछले पांच वर्षों अर्थात् 2013-14 से 2017-18 तथा चालू वर्ष के दौरान यात्री सुविधाओं पर हुए कुल आवंटन और व्यय का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि इस अवधि में यात्री सुविधाओं के लिए 7201.62 करोड़ रुपये आवंटित किये गए जिनके विरुद्ध 5824.59 करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं. रेलवे ने दिव्यांगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 2586 स्टेशनों पर निर्बाध रूप से प्रवेश हेतु स्टैंडर्ड रैम्प, 1429 स्टेशनों पर कम से कम दो पार्किंग स्थान का निर्धारण, 1465 स्टेशनों पर पार्किंग लॉट से स्टेशन बिल्डिंग तक फिसलन रहित मार्ग, 1474 स्टेशनों पर समुचित दृश्यता के संकेतक, 1989 स्टेशनों पर दिव्यांगजनों के लिए पेयजल का कम से कम एक नल, 1908 स्टेशनों में भूतल पर कम से कम एक शौचालय एवं 1131 स्टेशनों पर ‘क्या मैं आपकी सहायता कर सकता हूं’ बूथ, 1816 स्टेशनों पर प्लेटफार्मों के किनारों पर एन्ग्रेविंग, 1288 स्टेशनों पर एक प्लेटफ़ॉर्म से दूसरे प्लेटफ़ॉर्म तक आवागमन की सुविधा आदि का प्रबंध किया है.

यात्रा सुगम बनाने को प्रतिबद्ध

भारत सरकार के ‘सुगम्‍य भारत अभियान’ या एक्सेसिबल इंडिया कैंपेन के भाग के रूप में दिव्‍यांगजनों के लिए सुगम्य बनाने के लिए भारतीय रेल वचनबद्ध है. रेलवे स्‍टेशनों पर दिव्‍यांग यात्रियों के लिए सुविधाओं में सुधार/संवर्धन एक सतत प्रक्रिया है. निःशक्‍त व्यक्तियों के लिए सुगम पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, सभी स्टेशनों पर अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुविधाओं की योजना बनाई गई है.  भारतीय रेल के संशोधित नीतिगत दिशानिर्देशों के अनुसार, एक लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही वाले रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्मों पर स्वचालित सीढ़ियां उपलब्ध कराई जानी हैं. विभिन्न स्टेशनों पर प्राथमिकता और संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर लिफ्ट्स उपलब्ध कराई जा रही हैं. अब तक, 215 स्टेशनों पर 584 स्वचालित सीढ़ियां और 182 स्टेशनों पर 417 लिफ्ट्स मुहैया कराई गई हैं.

दिव्यांगों के अनुकूल डिब्बे

गाड़ियों को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाने के लिए भारतीय रेल के बेड़े में लगभग 3,800 दिव्यांग अनुकूल किस्म के सवारी डिब्बे (एसएलआरडी/एसआरडी) उपलब्ध हैं. इन सवारी डिब्बों में दिव्यांग/व्हीलचेयर पर यात्रा करने वाले यात्रियों की आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्त रूप से डिजाइन किए गए कंपार्टमेंट और शौचालय लगाए गए हैं. इन सवारी डिब्बों में चौड़े प्रवेश द्वार, चौड़ी बर्थ, चौड़े कंपार्टमेंट, बड़े शौचालय और शौचालय द्वार आदि की व्यवस्था है.

ब्रेल लिपि में उकेरे गये हैं चिह्न

इसके अलावा, दिव्यांगजन के लिए लिंके हॉफमेन बुश (एलएचबी) किस्म के सवारी डिब्बों में भी इसी प्रकार की सुविधाओं वाले सवारी डिब्बों का भारतीय रेल की उत्पादन इकाइयों में विनिर्माण किया जा रहा है जिन्हें अनिवार्य जांच और परीक्षणों के बाद सेवा में शामिल किया जाएगा. दृष्टिबाधित यात्रियों की सहायता के लिए नव विनिर्मित सवारी डिब्बों में अर्थात ब्रेल लिपि में उकेरे गए संकेतक चिह्न मुहैया कराए गए हैं. बड़े रेलवे स्टेशनों पर एनजीओ, चेरिटेबल ट्रस्ट, सीएसआर के अधीन पीएसयू के माध्यम से निशुल्क व्हील चेयर सर्विस एवं पोर्टर सर्विस बुक कराने के लिए यात्री मित्र सेवा की शुरूआत की गई है और इस सुविधा की व्‍यवस्‍था करने की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी को सौंपी गई है. एनजीओ, चेरिटेबल ट्रस्ट, पीएसयू आदि से रिसपोंस के अभाव में इस सेवा की व्यवस्था सर्विस प्रोवाइडर अथवा स्वयं ही भुगतान के आधार पर की जा सकती है.

व्हील चेयर की सुविधा

यात्री, आईआरसीटीसी के पोर्टल www.irctc.co.in.  के माध्‍यम से ऑनलाइन ई-व्हील चेयर बुक करा सकते हैं. वर्तमान में यह सुविधा 22 स्‍टेशनों अर्थात् अहमदाबाद, आगरा कैंट, वडोदरा, वाराणसी, भुसावल, विजयवाडा़, कानपुर सेंट्रल, मुंबई सीएसटी, मुंबई सेन्ट्रल, हावडा़, इंदौर, झांसी, जयपुर, लखनऊ जंक्‍शन, लखनऊ, नई दिल्‍ली, नागपुर, पठानकोट कैंट, पुणे, बेंगलुरू सिटी, सिकंदराबाद और माता वैष्‍णो देवी कटरा में उपलब्‍ध है. मंडल स्तर पर, मुख्य यात्रा टिकट निरीक्षक/प्रभारी (सीटीटीआई/आईसी), स्टेशन प्रबंधक (एसएमआर)और संबंधित वाणिज्यिक निरीक्षकों को दिव्यांगजनों की सहायता के लिए डिसेबिलिटी इंस्पेक्टर के रूप में कार्य करने का निर्देश दिया गया है.

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