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झारखंड में रेल और एससीआरबी डीआईजी का पद खाली, प्रभार में चल रहे हैं कई पद

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Ranchi : इन दिनों झारखंड में आईपीएस अधिकारियों की कमी हो गयी है. वर्तमान में यह हालत है कि रेल और एससीआरबी डीआईजी का पद खाली पड़ा हुआ है. इसके अलावा पुलिस मुख्यालय के कई अहम पद भी प्रभार में ही चल रहे हैं. जिनमें पुलिस मुख्यालय अभियान आईजी और आईजी प्रोविजन जैसा अहम पद भी प्रभार में चल रहा है.

इतना ही नहीं जैप और आईआरबी के कमांडेंट का पद भी कई जिलों के एसपी को अतिरिक्त प्रभार के रूप में मिला है. गौरतलब है कि सीआईडी के डीआईजी देवेंद्र ठाकुर को रेल डीआईजी का  अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है.

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प्रभार में चल रहे हैं पुलिस मुख्यालय के कई अहम पद

वहीं पुलिस मुख्यालय में भी आईजी प्रोविजन का अतिरिक्त प्रभार सीआईडी के आईजी अरुण कुमार को मिला है. साथ ही अभियान का अतिरिक्त प्रभार जगुआर आईजी आशीष बत्रा के पास है. इसके अलावा राज्य सरकार ने नक्सल खुफिया की खबर जुटाने के लिए एसआईबी का गठन किया था. लेकिन एसआईबी प्रमुख का पद भी अतिरिक्त प्रभार में ही चल रहा है.

जैप और आईआरबी के कई बटालियन भी हैं अतिरिक्त प्रभार में

केंद्र से मिलने वाली राशि से झारखंड सरकार ने नयी-नयी बटालियन का गठन तो कर लिया है. लेकिन उन नयी बटालियनों में कामकाज करने के लिए व्यवस्था ही नहीं की है. बटालियन में कमांडेंट तक की पोस्टिंग नहीं की जाती है. हालात तो यह हैं कि झारखंड में जैप की दस बटालियन में से पांच और आइआरबी की पांच में से पांचों बटालियन प्रभार पर ही चल रही है.

वहीं जैप और आइआरबी को मिलाकर कुल 15 बटालियन हैं. जिनमें से 10 बटालियन प्रभार के ही भरोसे है. जैप और आइआरबी की 15 बटालियन में कमांडेंट के पद पर एएसपी रैंक के अफसर को प्रभारी कमांडेंट बनाया गया है.

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एसआईबी प्रमुख का पद भी अतिरिक्त प्रभार में

17 जुलाई 2017 को नक्सल उन्मूलन अभियान की कड़ी में राज्य सरकार की ओर से बड़ा फैसला लिया गया था. जिसके बाद स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो के गठन की मंजूरी दी गयी थी और विशेष शाखा के अलावा स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो का गठन किया गया था.

इस ब्यूरो का गठन झारखंड में सक्रिय नक्सलियों के बारे में पुलिस मुख्यालय को सूचना उपलब्ध कराने के लिए किया गया था. गौरतलब है कि स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो विशेष शाखा के अधीन काम करता है. लेकिन सीधे यह पुलिस मुख्यालय को भी रिपोर्ट सकता है.

झारखंड में विशेष शाखा को नक्सल अभियान के लिए ही बनाया गया था. लेकिन अब स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो को भी नक्सलियों की सूचनाएं इकट्ठा करने के लिए बनाया गया है. लेकिन वर्तमान में जो हालात हैं उसमें स्पेशल इंटीलिजेंस ब्यूरो प्रमुख का पद भी अतिरिक्त प्रभार में ही चल रहा है.

एससीआरबी डीआईजी का पद लंबे समय से पड़ा है खाली

एससीआरबी का पद लंबे समय से खाली पड़ा हुआ है. गौरतलब है कि 1 अगस्त 2018 को चार दिन पहले एससीआरबी के डीआईजी से आईजी बने हेमंत टोप्पो रिटायर हो गये थे. हेमंत टोप्पो एससीआरबी में ही आईजी थे.

27 जुलाई को उन्हें डीआईजी से प्रोन्नत कर आईजी बनाया गया था. हेमंत टोप्पो के रिटायर होने के बाद से अब तक एससीआरबी डीआईजी का पद अब तक खाली पड़ा हुआ है.

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