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राहुल ने कहा, मोदी सरकार नहीं मानती,  रोजगार का संकट है, बड़े कारोबारियों के 3,50,000  करोड़ माफ किये  

जवाहरलाल नेहरू इंडोर ऑडिटोरियम में विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ संवाद के क्रम में राहुल गांधी ने कहा,  हमारी मौजूदा सरकार यह भी स्वीकार नहीं करना चाहती है कि देश में रोजगार का संकट है.

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NewDelhi : जवाहरलाल नेहरू इंडोर ऑडिटोरियम में विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ संवाद के क्रम में राहुल गांधी ने कहा,  हमारी मौजूदा सरकार यह भी स्वीकार नहीं करना चाहती है कि देश में रोजगार का संकट है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार पर देश में रोजगार के संकट को स्वीकार नहीं करने का आरोप लगाया. कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मसले पर युवाओं से बातचीत करनी चाहिए. शिक्षा : दशा और दिशा विषय पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने आरोप लगाया कि देश का धन सिर्फ कुछ लोगों के पास जमा हो रहा है.  आरोप लगाया कि पिछले पांच साल में 15-20 बड़े कारोबारियों के 3,50,000  करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया है.   कहा कि सारा काम 15-20 उद्योगपतियों की मदद के लिए किया जा रहा है. सोच स्पष्ट है कि सरकार शिक्षा पर पैसे खर्च करना नहीं चाहती है. सरकार नहीं चाहती है कि छात्र शिक्षा पर पैसे खर्च करें. शिक्षा क्षेत्र के निजीकरण के माध्यम से उद्योगपतियों की मदद की जा रही है. राहुल ने कहा कि हमारी सोच यह है कि सरकार को शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में मदद करनी चाहिए.

जब हम सत्ता में थे तो हमने 20 विश्वविद्यालय खोले

राहुल गांधी ने इस बात पर बल दिया कि सरकार को छात्रों की शिक्षा के खर्च का बड़ा अंश चुकाना चाहिए और शिक्षा के लिए आज जितना आवंटित किया जा रहा है उससे ज्यादा किया जाना चाहिए. राहुल ने कहा कि यूपीए के  पहले और दूसरे कार्यकाल के दौरान जब हम सत्ता में थे तो हमने 20 विश्वविद्यालय खोले. तंज कसा कि आपको मालूम है कि पिछले पांच साल में कितने विश्वविद्यालय खोले गये ?  राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा,  जब मैं कहता हूं कि सरकार को शिक्षा में सहयोग करना चाहिए तो इसका मतलब यह है कि बैंक ऋण आसान किया जाना चाहिए,  छात्रवृत्ति देनी चाहिए. विश्वविद्यालय खोलने चाहिए और नामांकन बढ़ाना चाहिए. इस क्रम में राहुल गांधी ने कहा कि चीन आर्थिक प्रगति कर रहा है और भारत में अनेक उत्पादों पर मेड इन चाइना का लेबल देखने को मिलता है. उन्होंने नौकरियों के आंकड़े दोहराते हुए  पीएम मोदी की आलोचना की.

40 जवानों ने अपनी जानें गंवा दीं,  लेकिन उनको शहीद का दर्जा नहीं मिला.

राहुल ने कहा, 1.2 अरब की आबादी वाले देश भारत में हर 24 घंटे में 450 नौकरियां पैदा होती हैं जबकि चीन में इसी अवधि में 50,000 नौकरियां पैदा होती हैं. ये आंकड़े मेरे नहीं हैं, बल्कि वित्त मंत्रालय ने लोकसभा में जारी किये हैं. उन्होंने कहा,  लगता नहीं है कि हमारे प्रधानमंत्री ऐसा सोचते हैं कि यह एक समस्या है. राहुल गांधी ने वादा किया कि आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के सत्ता में आने पर अगली सरकार कार्य के दौरान जान गंवाने वाले अर्धसैनिक बल के जवानों को कानून द्वारा शहीद का दर्जा प्रदान करेगी. बता दें कि पीएचडी की छात्र श्रुति गौतम के सवाल का जवाब देते हुए गांधी ने कहा, अर्धसैनिक बल के जवान अपनी जान देते हैं, लेकिन उनको शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता है. अगर हम सरकार बनाएंगे तो ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले अर्धसैनिक बल के जवानों को शहीद का दर्जा देंगे. पुलवामा में 14 फरवरी को आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों की जानें जाने के बाद उन्होंने इस मसले को उठाया. हमले के एक सप्ताह बाद गांधी ने ट्विटर पर लिखा बहादुर जवान शहीद हैं. उनके परिवार संघर्ष कर रहे हैं. 40 जवानों ने अपनी जानें गंवा दीं,  लेकिन उनको शहीद का दर्जा नहीं मिला.

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