न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

राहुल गांधी अमेठी के साथ वायनाड से भी लड़ेंगे चुनाव : एंटनी

47

New Delhi : दक्षिण भारत में कांग्रेस की स्थिति को मजबूती प्रदान करने के लिये पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में अपने पारंपरिक गढ़ अमेठी के अलावा केरल की वायनाड संसदीय सीट से भी चुनाव लड़ेंगे.

केरल से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने रविवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की. उन्होंने कहा कि गांधी ने प्रदेश इकाई के अनुरोध के बाद वायनाड से लड़ने पर सहमति जताई है.

एंटनी ने कहा, “राहुल गांधी केरल की वायनाड संसदीय सीट से चुनाव लड़ेंगे.” इस फैसले को कांग्रेस की तरफ से दक्षिण भारत, खासकर केरल में अपने जनाधार को मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है जहां लोकसभा की 20 सीटें हैं. इसी तरह तमिलनाडु में लोकसभा की 39 सीटें हैं जबकि कर्नाटक में 28 सीटें हैं.

कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “यह दक्षिणी राज्यों को एक संदेश है कि वे अत्यंत सम्मानित और बेहद मूल्यवान हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि वह अमेठी का प्रतिनिधित्व करेंगे, लेकिन वह दक्षिणी राज्यों का भी प्रतिनिधित्व करेंगे क्योंकि वे भारतीय जीवनशैली का अहम हिस्सा हैं.”

उन्होंने कहा कि गांधी ने कहा है कि अमेठी उनकी ‘कर्मभूमि’ है और वह उसे कभी नहीं छोड़ेंगे. इस घोषणा के बाद वामपंथी और दक्षिणपंथी सियासी दलों की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली.

इसे भी पढ़ें : सुषमा ने बताया, आखिर क्यों अपने नाम के साथ उन्होंने जोड़ा “चौकीदार”

माकपा वायनाड में राहुल गांधी की हार सुनिश्चित करने के लिये काम करेगी

माकपा पोलितब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात ने यहां कहा कि राहुल गांधी को केरल के वायनाड से चुनाव लड़वाने का फैसला यह दिखाता है कि पार्टी केरल में वाम दलों से मुकाबला करना चाहती है.

उन्होंने संवाददाता को बताया, “उनकी मंशा अब केरल में वामदलों के खिलाफ लड़ने की है. यह भाजपा से लड़ने की कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के उलट है क्योंकि केरल में एलडीएफ मुख्य ताकत है जो भाजपा से लड़ रहा है.” माकपा के पूर्व महासचिव ने कहा उनकी पार्टी वायनाड में राहुल गांधी की हार सुनिश्चित करने के लिये काम करेगी.

वहीं तिरुवनंतपुरम में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आज कहा कि राहुल गांधी के वायनाड से लड़ने के कदम को वाम दलों के खिलाफ देखा जाना चाहिए न कि भाजपा के खिलाफ. उन्होंने दावा किया कि एलडीएफ 23 अप्रैल को होने वाले लोकसभा सीट के चुनाव में उन्हें शिकस्त देगा.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष की उम्मीदवारी को कोई विशेष तवज्जो देने की जरूरत नहीं है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी उत्तर प्रदेश की एक रैली में राहुल गांधी के दो सीटों से चुनाव लड़ने पर निशाना साधा.

शाह ने कहा, “कांग्रेस की वोटबैंक की राजनीति देश की सुरक्षा से खिलवाड़ पर काम करती है. इसी का नतीजा है कि राहुल गांधी ने अमेठी छोड़ दी और केरल की तरफ भाग गए क्योंकि वह जानते हैं कि मतदाता इस बार अमेठी में उनसे हिसाब मांगेंगे.”

Related Posts

पी. चिदंबरम के घर पहुंची सीबीआइ-ईडी की टीम, घर पर नहीं मिले पूर्व मंत्री

दिल्ली हाइकोर्ट ने खारिज की है अग्रिम जमानत याचिका

SMILE

इससे पहले सुरजेवाला ने कहा कि केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु की प्रदेश इकाइयों ने ऐसे वक्त में उनसे दक्षिण भारत से लड़ने का आग्रह किया है, जब मोदी सरकार की तरफ से भाषा एवं संस्कृति पर हमले हो रहे हैं.

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “यह दक्षिण भारत की आकांक्षाओं के समर्थन की लड़ाई है. यह उन ताकतों को करारा जवाब देने की लड़ाई है जो संस्कृतियों, भाषाओं एवं जीवनशैली के साथ ही उत्तर एवं दक्षिण भारत के बीच गहरे संपर्क पर हमला करते हैं.”

भाजपा के राहुल गांधी के अमेठी में ‘‘बेहद मजबूत नहीं होने’’ की टिप्पणी पर सुरजेवाला ने कहा, “भाजपा इस सवाल का जवाब क्यों नहीं देती कि मोदीजी ने गुजरात क्यों छोड़ा और वाराणसी क्यों गए. क्या इसका यह मतलब है कि गुजरात में उनकी हालत खराब थी. इस तरह की अपरिपक्व चीजों पर चर्चा करने के बजाए उन्हें प्रमुख राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए. भाजपा इतनी डरी हुई क्यों है.”

इसे भी पढ़ें : जम्मू-कश्मीर :  खाई में गिरी गाड़ी, छह की मौत, एक की हालत गंभीर

पहले दिल्ली में चांदनी चौक ने हराया, फिर अमेठी ने भगाया

राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से चुनाव लड़ रहीं स्मृति ईरानी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “पहले दिल्ली में चांदनी चौक ने हराया, फिर अमेठी ने भगाया. जिस मंत्री महोदया की चर्चा कर रहे हैं, जिनको टिकट दी है, अब हार की हैट्रिक का माहौल बना है.”

सुरजेवाला ने कहा कि अमेठी के लोग इस तथ्य पर भरोसा करते हैं कि राहुल गांधी के वहां रहने से वे सुरक्षित हैं.  उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा का काम षड्यंत्र रचने का है जबकि हमारा कार्य निर्माण का है.” कांग्रेस नेता एंटनी ने कहा कि वायनाड केरल में स्थित है लेकिन वह तमिलनाडु और कर्नाटक से भी घिरा हुआ है.

उन्होंने कहा, “एक तरीके से यह तीनों दक्षिणी राज्यों के अनुरोध को संतुष्ट करेगा.” एंटनी ने कहा कि इन तीनों राज्यों की तरफ से राहुल से कई आग्रह किए गये. उन्होंने कहा, “इसलिए वायनाड पर विचार के सबसे बड़े कारणों में से एक यह था कि यह तीन दक्षिणी राज्यों का त्रिकोणीय जंक्शन है.”

पिछले कुछ हफ्तों से कांग्रेस के कई नेता एवं कार्यकर्ता कांग्रेस अध्यक्ष से दक्षिण की किसी सीट से चुनाव लड़ने का आग्रह कर रहे थे और उन्होंने उनका अनुरोध स्वीकार कर लिया.
सुरजेवाला ने कहा, “अमेठी और राहुल में राजनीतिक संबंध नहीं है. अमेठी के मन में राहुल बसते हैं. यह पारिवारिक रिश्ता है और भाजपा की राजनीति से इसे तोड़ा नहीं जा सकता.

इसे भी पढ़ें : गठबंधन पर असमंजस के बीच सभी सात सीटों पर दिल्ली कांग्रेस ने संभावित उम्मीदवारों के पैनल बनाए 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: