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राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज, राफेल विमान की कीमत एक राष्ट्रीय रहस्य है

धानमंत्री को पता है. अनिल अंबानी को पता है.  ओलांद और मैक्रों को पता है.  अब हर पत्रकार को पता चल गया है.  रक्षा मंत्रालय के बाबुओं को भी पता है.

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NewDelhi : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल विमान सौदे को लेकर कहा है कि राफेल विमान की कीमत एक राष्ट्रीय रहस्य है, क्योंकि सरकार SC में इसका खुलासा नहीं करना चाहती है.  बता दें कि राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमलावर होते हए व्यंग्यात्मक लहजे में ट्वीट किया, प्रधानमंत्री को पता है. अनिल अंबानी को पता है.  ओलांद और मैक्रों को पता है.  अब हर पत्रकार को पता चल गया है.  रक्षा मंत्रालय के बाबुओं को भी पता है.  दसॉ कंपनी में सबको मालूम है.  दसॉ के सभी प्रतिस्पर्धियों को मालूम है.  लेकिन राफेल की कीमत एक राष्ट्रीय रहस्य है, जिसका खुलासा SC में नहीं किया जा सकता है.

बता दें कि राहुल का यह बयान मीडिया की उस खबर के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया है कि 2016 में सरकार द्वारा फ्रांस की कंपनी दसॉ से 36 राफेल विमान खरीदने की जो डील की गयी, उसमें हर विमान की कीमत पूर्व में 2012 में दसॉ द्वारा 126 मध्यम बहु-भूमिका लड़ाकू विमान (एमएमआरसीए) के सौदे के दौरान पेशकश की गयी कीमत से 40 फीसदी अधिक है.

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दसॉ को 126 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए 19.5 अरब यूरो की निविदा मिली थी

क रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दसॉ को 126 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए 19.5 अरब यूरो की निविदा मिली थी.  इस तरह एक विमान की कीमत 15.5 करोड़ यूरो होती है.  रिपोर्ट कहती है कि 36 राफेल विमान की डील 7.85 अरब यूरो में की गयी है.  ऐसे में एक विमान की कीमत 21.7 करोड़ यूरो होती है, जो 2012 की कीमत से 40 फीसदी अधिक है.  SC ने बुधवार को राफेल जेट डील के बारे में सरकार को कुछ और जानकारी देने को कहा है. SC  ने विमान की कीमत और उससे होने वाले लाभ का विवरणहै.  बता दें कि SC सरकार को कीमत की जानकारी साझा करने में होने वाली कठिनाई को लेकर एक हलफनामा दाखिल करने को कहा है.  इससे पूर्व महान्यायवादी केक वेणुगोपाल ने SC को बताया था कि कीमत का खुलासा करना संभव नहीं होगा.  हालांकि SC ने स्पष्ट किया कि सरकार जिस विवरण को इस समय रणनीतिक गोपनीयता मानती है, उसे याचिकाकर्ताओं के वकील से साझा किये बगैर एक बंद लिफाफे में अदालत को सौंपा जाये.

बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी औरवकील प्रशांत भूषण ने चार अक्टूबर को राफेल डील में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच करने की गुहार SC में लगायी थी.

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