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अब भी इस्तीफे पर अड़े हैं राहुल गांधी

New Delhi: लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में संकट गहराता जा रहा है. कई प्रदेश अध्यक्षों और बड़े नेताओं के इस्तीफ के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी अपने इस्तीफे पर अड़े हुए हैं. इस आंतरिक संकट से निपटने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जुटे हुए हैं. इसके अलावा कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान में उसकी सरकारें डगमगाती दिख ही हैं. पार्टी की करारी शिकस्त के बाद से अब तक कुल 13 इस्तीफे हो चुके हैं. इनमें पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, झारखंड के अजय कुमार और असम के प्रदेश अध्यक्ष निपुन बोरा का भी इस्तीफा शामिल है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कई नेताओं से कहा है कि यह वह वक्त है, जब पार्टी को नये प्रमुख की तलाश करनी चाहिए.

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542 सीटों पर हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को महज 52 सीटें ही मिली हैं. 2014 के आम चुनावों के बाद यह लगातार दूसरा मौका है, जब कांग्रेस पार्टी की सीटें दोहरे अंकों पर ही सिमट गयी है. यही नहीं लगातार दूसरी बार वह नेता विपक्ष का पद हासिल करने लायक सीटें भी नहीं ला पायी है. 2014 में कांग्रेस को 44 सीटें ही मिली थीं. कांग्रेस का 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खाता भी नहीं खुला. यूपी के अमेठी से कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव हार जाना भी एक बड़ा धक्का है.

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कर्नाटक में बीजेपी नेताओं से मिले कांग्रेस के विधायक

कर्नाटक और राजस्थान में बीजेपी के ऐक्टिव होने की खबरें हैं. कहा जा रहा है कि कर्नाटक में कांग्रेस विधायकों रमेश जरकिहोली और डॉ. सुधाकर ने बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता से हाल ही में मुलाकात की थी. इस दौरान बीजेपी के अन्य नेता भी मौजूद थे. सूत्रों के मुताबिक ऐसे विधायकों की बड़ी संख्या है, जो लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन से नाखुश हैं.

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राजस्थान में मंत्रियों की मांग, हार की तय हो जवाबदेही

राजस्थान में भी आतंरिक लड़ाई तेज हो गयी है. ऐसे कई मंत्री हैं, जिनका कहना है कि इस करारी हार के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए. कर्नाटक में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल सका है. बीजेपी ने राज्य की सभी 25 सीटों पर जीत हासिल की है. यही नहीं पिछले साल मई में ही कर्नाटक में जेडीएस संग सराकर बनाने वाली कांग्रेस को राज्य की 28 में से महज एक सीट पर ही जीत मिली है.

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