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#Corona_Test की धीमी रफ्तार पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर उठाये सवाल, प्रियंका का सीएम योगी पर निशाना

New Delhi: कोरोना संकट से देश जूझ रहा है. संक्रमितों का आंकड़ा 10 हजार को पार कर चुका है. इस बीच देश में कोरोना टेस्ट की धीमी रफ्तार पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सवाल उठाये और मामले पर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की.

वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी में कोरोना के बढ़ते केस के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि जांच का सिस्टम अभी भी बहुत लचर है. जांच की व्यवस्था को तेज व व्यवस्थित करिये.

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जरूरी किट खरीदने में मोदी सरकार ने की देर- राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कोरोना वायरस की जांच के लिए जरूरी किट खरीदने में विलंब किया गया जिस कारण आज देश में किट की कमी है और जांच की स्थिति के मामले में दूसरे देशों के मुकाबले भारत बहुत पीछे रह गया है.


उन्होंने ट्वीट किया, ‘भारत ने जांच किट खरीदने में देरी की और अब इनकी भारी किल्लत है.’

गांधी ने कहा, ‘ भारत में 10 लाख की आबादी पर 149 लोगों की जांच हुई है. इससे हम लाओस (157), नाइजर (182) और होंडुरास (162) जैसे देशों के समूह में शामिल हैं.’

उन्होंने कहा, ‘ बड़े पैमाने पर जांच इस वायरस के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण है. फिलहाल इस मामले में हम कहीं नजर नहीं आ रहे.’

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यूपी में जांच का सिस्टम लचर- प्रियंका

उधर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में कोरोना जांच तेज नहीं होने का आरोप लगाते हुए राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा.

10 अप्रैल को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सीएम योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखी थी. जिसमें उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश में आबादी अधिक है, ऐसे में यहां पर कोरोना के लिए टेस्टिंग की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत है.

प्रियंका गांधी ने कहा, ‘ मैंने उप्र के मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखकर जांच की संख्या बढ़ाने का आग्रह किया था. राज्य में होने वाली मौतों में 5 की कोरोना जांच रिपोर्ट मौत के बाद आई.’ प्रियंका ने दावा किया, ‘जांच की व्यवस्था अभी भी बहुत लचर है. जांच की व्यवस्था को तेज व व्यवस्थित करिए. ज्यादा से ज्यादा जांचें ही हमें सही तस्वीर दे सकती हैं.’

उल्लेखनीय है कि इससे पहले कांग्रेस ने मोदी सरकार से सवाल पूछते हुए कहा था कि कोरोना की रोकथाम का एक मात्र रास्ता है टेस्टिंग. लेकिन 1 फरवरी से 13 अप्रैल, 2020 तक, यानी 72 दिनों में देश में केवल 2,17,554 टेस्ट हुए. यानी औसतन 3,021 टेस्ट प्रतिदिन है, कोरोना टेस्ट को कई गुना बढ़ाने की क्या योजना है? इसके अलावा कांग्रेस की ओर से 6 और सवाल पूछे गए हैं.

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