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#CitizenshipAmendmentBill: राहुल का आरोप, कहा- पूर्वोत्तर का ‘नस्लीय सफाये’ का प्रयास कर रही मोदी-शाह सरकार

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New Delhi: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि ‘मोदी-शाह सरकार” नागरिकता संशोधन विधेयक के माध्यम से पूर्वोत्तर के नस्लीय सफाये का प्रयास कर रही है.

उन्होंने विधेयक के खिलाफ पूर्वोत्तर में प्रदर्शन होने से जुड़ी खबर का हवाला देते हुए यह भी कहा कि वह पूर्वोत्तर की जनता के साथ मजबूती से खड़े हैं.

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पूर्वोत्तर के नस्लीय सफाये का प्रयास है नागरिकता बिल

गांधी ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि नागरिकता विधेयक मोदी-शाह सरकार की ओर से पूर्वोत्तर के नस्लीय सफाये का प्रयास है. यह पूर्वोत्तर के लोगों, उनकी जीवन पद्धति और भारत के विचार पर हमला है.

उन्होंने कहा कि मैं पूर्वोत्तर के लोगों के साथ खड़ा हूं और उनकी सेवा के लिए हाजिर हूं. इस विधेयक को बुधवार को चर्चा और पारित कराने के मकसद से राज्यसभा में लाया जाएगा. कांग्रेस इस विधेयक को ‘असंवैधानिक’ करार देते हुए इसका विरोध कर रही है.

गौरतलब है कि लोकसभा ने 9 दिसंबर की रात नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी जिसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का पात्र बनाने का प्रावधान है.

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देश के अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं नागरिकता विधेयक

गौरतलब है कि सोमवार को विपक्ष के हंगामे के बीच नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया गया. बिल पर कुल 375 सदस्यों ने मतदान किया. पक्ष में 293 वोट पड़े वहीं बिल के खिलाफ 82 वोट पड़े.

शाह ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक किसी भी तरह से देश के अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा कि विधेयक देश के अल्पसंख्यकों के 0.001 प्रतिशत भी खिलाफ नहीं है.

शाह ने सदन में यह भी कहा, अगर कांग्रेस पार्टी देश की आजादी के समय धर्म के आधार पर देश का विभाजन नहीं करती तो इस विधेयक की जरूरत नहीं पड़ती.  नागरिकता अधिनियम, 1955 का एक और संशोधन करने वाले विधेयक को संसद की मंजूरी मिलने के बाद पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से शरणार्थी के तौर पर आये उन गैर-मुसलमानों को भारत की नागरिकता मिल जाएगी जिन्हें धार्मिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा हो.

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