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भ्रष्टाचारियों व आरोपियों की संरक्षक है रघुवर सरकार: झाविमो

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Ranchi: झाविमो के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचारियों व गंभीर आरोपों से घिरे कई अधिकारियों को खुलेआम संरक्षण देती रही है. सीएजी के रिपोर्ट में झारक्राफ्ट में 18 करोड़ से अधिक कंबल घोटाले की पुष्टि हो चुकी है. लेकि, सरकार भ्रष्टाचारियों को बचाने के प्रयत्न में अब भी जुटी हुई है. झाविमो सहित तमाम विपक्षी दल मामले की सीबीआई जांच की मांग करते रहे हैं. लेकिन, सरकार ने तत्कालीन सीईओ का केवल इस्तीफा लेकर मामले को रफा-दफा करने का काम किया है.

उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री सरयू राय ने भी इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है. सरकार की गतिविधियों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि शायद सरकार में सिवाय मुख्यमंत्री के, किसी और की चलती ही नहीं है. ऐसा पहली दफा नहीं हुआ है जब जीरो टॉलरेंस का राग अलापने वाली भाजपा सरकार भ्रष्टाचारियों के पक्ष में खड़ी हुई हो.

झाविमो प्रवक्ता ने कहा है कि पूर्व तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला प्रक्ररण को जब सीबीआई ने चारा घोटाला में अपनी जांच में उन्हें भी दोषी माना था. लेकिन सरकार ने तब भी राजनीतिक सुचिता दिखाने की बजाय आरोपी अधिकारी के पक्ष में ही खड़ी-डटी रही. राज्यसभा चुनाव 2016 में अपने पद का दुरूपयोग करने वाले एडीजी व अन्य पर पहले तो कार्रवाई करने का राज्य सरकार नाम ही नहीं ले रही थी, जब चुनाव आयोग सख्त हुआ तब केवल एफआईआर दर्ज कर अपने दायित्वों का इतिश्री कर दिया. सरकार ने आज भी उन्हें उसी पद पर बिठाये रखा है. डीजीपी डीके पांडेय पर बकोरिया एनकाउंटर सहित कई गंभीर आरोप के बाद भी रघुवर सरकार की मेहरबानी उनपर बनी हुई है. उपरोक्त मामले तो महज बानगी हैं, ऐसे सैकड़ों छोटे-बड़े मामले रघुवर सरकार की खास उपलब्धियों में शुमार हैं. उपरोक्त मामले साबित करने के लिए काफी है कि रघुवर सरकार की कथनी व करनी में कितना अंतर है.

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