Main SliderOpinion

जब योगेंद्र साव थे वांटेड तब उनसे मिले थे रघुवर, बतौर सीएम और गृहमंत्री क्या ये आपराधिक मामला नहीं?

 Surjit Singh

10 जून 2016. (राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले) 

advt

हजारीबाग पुलिस के रिकॉर्ड में पूर्व मंत्री व बड़कागांव के विधायक निर्मला देवी के पति योगेंद्र साव फरार थे.

रघुवर दास झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री और गृह मंत्री भी थे. गृहमंत्री की हैसियत से वह पुलिस विभाग के मुखिया थे.

झारखंड- जहां किसी अपराधी को पानी पिलाने पर पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज देती है.

ऐसे हालात में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एचईसी में स्थित तब की विधायक निर्मला देवी के आवास पर योगेंद्र साव से भेंट की थी. इस मुलाकात का वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ था. जिसमें योगेंद्र साव अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी दे रहे थे.

मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की हैसियत से उस दौरान रघुवर दास का एक ऐसे व्यक्ति से मिलना, जो पुलिस के रिकॉर्ड में फरार था. जिला बदर है. मिलने के बाद भी योगेंद्र साव के ठिकाने की जानकारी पुलिस को नहीं देना. क्या रघुवर दास के आपराधिक कृत्य की तरफ इशारा नहीं करता है.

इसे भी पढ़ें – क्या राज्यसभा चुनाव में गड़बड़ी मामले में पूर्व सीएम रघुवर दास को बचाया गया ! योगेंद्र साव को मैनेज करने का वीडियो हुआ था वायरल

योगेंद्र साव से मिलने और मिलने के बाद चुप रहकर रघुवर दास ने ना सिर्फ उस शपथ का उल्लंघन किया, जिसमें उन्होंने ईश्वर को साक्षी मानकर पद, गोपनीयता व कर्तव्य के निर्वहन करने की शपथ ली थी.

जब योगेंद्र साव थे वांटेड तब उनसे मिले थे रघुवर, बतौर सीएम और गृहमंत्री क्या ये आपराधिक मामला नहीं?
योगेंद्र साव की फाइल फोटो

रघुवर दास का चुप रह जाना एक आपराधिक कृत्य भी है. क्योंकि इसी राज्य में ऐसे कई लोग मिल जायेंगे, जिसे पुलिस ने सिर्फ इस वजह से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया कि उसने किसी नक्सली को खाना खिलाया. या किसी अपराधी के साथ बैठकर बातचीत कर रहा था.

वायरल वीडियो में सुना जा सकता है. रघुवर दास ना सिर्फ एक वांटेड व्यक्ति से मिल रहे हैं, बल्कि वह उसके साथ सौदेबाजी करते भी वीडियो में दिख रहे थे. उस वक्त पुलिस की नजर में फरार व्यक्ति रघुवर दास से साफ-साफ कह रहा था कि उसे बड़कागांव दे दिया जाये. वह एनटीपीसी का भी नाम लेता है. उस वक्त एनटीपीसी बड़कागांव में बड़े पैमाने में काम शुरु कर चुका था.

इसे भी पढ़ें – केजरीवाल की तारीफ पर कांग्रेस में घमासान, दिल्ली कांग्रेस के नेताओं के निशाने पर मिलिंद देवड़ा

वीडियो में जो बातें हो रही थीं, उससे यह स्पष्ट संकेत मिल रहा था कि रघुवर दास तत्कलानी  मुख्यमंत्री व गृह मंत्री रहते हुए एक वांटेड व्यक्ति के घऱ पर जाकर उसके साथ समझौता कर रहे थे. मुख्यमंत्री की यह मुलाकात राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले हुई थी. वह भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में निर्मला देवी का वोट पाने के लिए योगेंद्र साव से मिले थे.

कानून के विशेषज्ञों का मानना है कि सीधे तौर पर यह आपराधिक मामला भले ही ना बने, पर मुख्यमंत्री व गृह मंत्री के लिए यह गंभीर नैतिक सवाल है. एक अन्य विशेषज्ञ के मुताबिक, वीडियो में रघुवर दास द्वारा यह कहा जाना कि “सब ठीक हो जायेगा”  उन्हें अपराधिक कृत्य का आरोपी बनाता है.

इसे भी पढ़ें – निगम जलबोर्ड के जेई समय पर नहीं करते फील्ड विजिट, उपभोक्ताओं से करते हैं अवैध वसूली  

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: