न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

रघुवर दास ने कहा, झारखंड में  शिक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ हैं ,  स्थानीय भाषा के शिक्षकों की करें नियुक्ति

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने समीक्षा बैठक में कहा कि झारखंड में पिछले साढ़े चार साल में स्कूली शिक्षा व साक्षरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम हुए हैं.

59

Ranchi :  मुख्यमंत्री रघुवर दास ने स्कूली शिक्षा, साक्षरता विभाग तथा उच्च और तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि झारखंड में पिछले साढ़े चार साल में स्कूली शिक्षा व साक्षरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम हुए हैं. इसी का नतीजा है कि भारत सरकार द्वारा काफी प्रशंसा की गयी है. पहले की तुलना में झारखंड में प्राथमिक से लेकर हाई स्कूल तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार हुए हैं. राज्य में अब तक 31 हजार शिक्षकों की सीधी बहाली हो चुकी है. इसके अतिरिक्त अभी और शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया चल रही है. शिक्षकों की बहाली बढ़ने से रिजल्ट में सुधार तो हुआ ही है, ड्रॉप आउट दर में भी काफी कमी आयी है.

आदिवासी बहुल जिलों में शिक्षकों की सबसे ज्यादा कमी

मुख्यमंत्री ने नयी बहाली में भी जिलावार नियुक्ति के अनुरूप आवेदन आमंत्रित कर जल्द परीक्षा कराने का निर्देश देते हुए कहा कि नियमों का सरलीकरण कर स्थानीय भाषा के शिक्षकों की भी नियुक्ति करें. आदिवासी बहुल जिलों में शिक्षकों की सबसे ज्यादा कमी है. पहले उन जिलों पर फोकस करें. जहां अभी शिक्षक नहीं है, वहां घंटी आधारित शिक्षक बहाल करें. संथाल परगना, कोल्हान, पलामू, लातेहार, गढ़वा जैसे जिलों पर विशेष फोकस करने की जरूरत है.

राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने एक लक्ष्य निर्धारित कर काम करने का निर्देश देते हुए कहा कि स्कूलों में बेंच-डेस्क, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचा दी गयी हैं. अब हर स्कूल में पानी पहुंचाने का काम तेजी से करना है. इसके लिए सीएसआर या 14वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग किया जायेगा. मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए दूसरे राज्यों से एक्सपर्ट बुलाकर मास्टर ट्रेनर तैयार करने का सुझाव दिया. राज्य से पलायन रोकने के लिए स्कूल पास छात्र-छात्राओं को वोकेशनल प्रशिक्षण दें. जेसीइआरटी के तहत ऐसे सिलेबस डिजाइन करने को कहा जिससे लोगों में देशभक्ति और राज्य शक्ति की भावना मजबूत हो.

महान लोगों के बलिदान आदि के बारे में पढ़ाया जाये

हमारे महान लोगों के जीवन, उनके द्वारा दिये गये बलिदान आदि के बारे में पढ़ाया जाये. रिजल्ट में सुधार पर स्कूलों, प्राचार्य और प्रखंड विकास पदाधिकारी की दक्षता मापी जाये.  जो स्कूल अच्छा कर रहे हैं, उन्हें राज्यस्तर पर पुरस्कृत किया जायेगा. जो लगातार खराब प्रदर्शन कर रहे हैं, उनपर कार्रवाई की जायेगी. स्कूलों की यूनिफार्म के लिए कुछ जिलों ने स्वयं सहायता समूह को जोड़ा है. जिन जिले में स्वयं सहायता समूह को नहीं जोड़ा गया है, उन्हें जोड़ने का निर्देश जारी करें. स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण देकर इससे जोड़ें. स्कूलों में स्वच्छता रखने पर उन्होंने कहा कि प्राचार्यों को इसमें हर माह छोटी सी राशि देकर साफ-सफाई करनी चाहिए. वे चाहें, तो स्कूल का माहौल बदल सकता है।

आकांक्षा योजना का मेधावी विद्यार्थियों को मिला लाभ

बैठक में उन्होंने कि केंद्रीय मानव संसाधन विभाग द्वारा राज्य में चल रही आकांक्षा योजना का मेधावी विद्यार्थियों को लाभ मिला है. इसमें सरकारी स्कूल के बच्चों को मेडिकल और इंजीनियरिंग की कोचिंग दी जा रही. इसके तहत अब तक 47 बच्चों का चयन किया जा चुका है. राज्य में प्राथमिक से हाई स्कूल में नामांकन में काफी सुधार हुआ है. 2010-11 में जहां प्राथमिक स्कूलों में 75.5 प्रतिशत ट्रांजिशन दर थी, वहां 2017-18 में 94.8 प्रतिशत हो गयी. इसी प्रकार प्राथमिक से सेकेंडरी में 2010-11 में ट्रांजिशन दर 77.92 प्रतिशत थी, वह 2017-18 में 89.5 प्रतिशत हो गयी है. सेकेंडरी से हायर सेकेंडरी में ट्रांजिशन दर 45.35 प्रतिशत से बढ़ कर 2017-18 में 80.11 प्रतिशत हो गयी है.

बैठक में विभागीय मंत्री नीरा यादव, मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी, विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह, उच्च और तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव  राजेश कुमार आदि मौजूद थे.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
क्या आपको लगता है हम स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे हैं. अगर हां, तो इसे बचाने के लिए हमें आर्थिक मदद करें.
आप अखबारों को हर दिन 5 रूपये देते हैं. टीवी न्यूज के पैसे देते हैं. हमें हर दिन 1 रूपये और महीने में 30 रूपये देकर हमारी मदद करें.
मदद करने के लिए यहां क्लिक करें.-

you're currently offline

%d bloggers like this: