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ई-विद्यावाहिनी, ज्ञानसेतु और परिवहन व्यवस्था योजना का रघुवर दास ने किया शुभारंभ

सरकारी स्कूलों में मिले गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सरकार की प्राथमिकता: सीएम

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Ranchi: झारखंड के सरकारी स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले. इसके लिए झारखंड सरकार पहल कर रही है. यह बातें मुख्यमंत्री रधुवर दास ने शुक्रवार को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के तीन योजनाओं के शुभारंभ के दौरान कही. उन्होंने कहा कि ज्ञानसेतु, ई-विद्यावाहिनी और परिवहन व्यवस्था के माध्यम से स्कूलों का पुनर्गठन किया जायेगा.

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सीएम के जिज्ञासा के कारण स्‍कूलों में सुधार: नीरा यादव

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विशिष्ट अतिथि के रूप में शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री की जिज्ञासा के कारण राज्य के स्कूलों की स्थिति में काफी सुधार हुआ है. स्कूलों में शिक्षा एवं आधारभूत संरचना का विकास हुआ है. कार्यक्रम का आयोजन धुर्वा स्थित ज्यूडिशियल एकेडमी में किया गया. योजना के शुभारंभ के दौरान विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह समेत कई शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे.

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क्या है ई-विद्यावाहिनी कार्यक्रम

गौरतलब है कि ई-विद्यावाहिनी के तहत डिजिटल रूप में ऑनलाइन अनुश्रवण की व्यवस्था होगी. ई- विद्यावाहिनी कार्यक्रम सरकार के शिक्षा विभाग की महत्वकांक्षी योजना है. इसके माध्यम से अकादमिक एवं प्रशासनिक सूचकांकों पर राज्य के सभी विद्यालयों में ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है.

ज्ञानसेतु कार्यक्रम से क्‍या होंगे फायदे

ज्ञानसेतु कार्यक्रम कक्षा एक से कक्षा 9 में अध्ययनरत वैसे बच्चे जिनकी दक्षता कक्षानुसार नहीं है, उनके लिए अधिगम संवर्धन कार्यक्रम है. परिवहन की व्यवस्था योजना के तहत प्रत्येक पंचायत में बड़े विद्यालयों की अवधारणा के लिए परिवहन की व्यवस्था करना है, ताकि छात्र-छात्राएं सुगमतापूर्वक विद्यालय में पहुंच सकें.

इन तीनों कार्यक्रम सीधे तौर पर शिक्षा में किए जाने वाले बड़े परिवर्तन को लेकर है. इन तीनों कार्यक्रमों से यह अपेक्षा की गई है कि न सिर्फ बच्चों के शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि होगी, बल्कि विद्यालयों के प्रति इनकी अभिरुचि एवं ऑनलाइन अनुश्रवण के माध्यम से आंकड़ों की सत्यता भी बढ़ेगी.

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