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जिलावार जनजातीय भाषा पर अड़े रघुवर, कहा- गलत हूं तो जेएमएम नहीं बल्कि सरकार साबित करे

Ranchi : राज्य सरकार ने जनजातीय-क्षेत्रीय भाषा के ज्ञान को जरूरी माना है. इसलिए सरकार की तरफ से इसे अब नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है. अब जिलावार जनजातीय-क्षेत्रीय भाषा का भी चयन किया जा चुका है. इस खबर को सबसे पहले न्यूज विंग ने 6 अगस्त को प्रकाशित किया था. खबर प्रकाशित करने के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की तरफ से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की गयी.

उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार की तरफ से अब जिलावार जनजातीय-क्षेत्रीय भाषा का चयन किया जा चुका है. जिसमें हिंदी को शामिल नहीं किया गया है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कार्मिक विभाग के कागजात भी दिखाये. रघुवर दास ने सीधा हेमंत सरकार पर आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार हिंदी भाषी लोगों के साथ गलत कर रही है. जहां पूरे देश में हिंदी को तरजीह दी जाती है, झारखंड में उसी भाषा के साथ न्याय नहीं हो रहा है.

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मैं गलत हूं तो सरकार साबित करे, जेएमएम क्यों सामने आता हैः रघुवर

रघुवर दास ने जैसे ही हेमंत सरकार पर जिलावार भाषा चयन प्रक्रिया में हिंदी को बाहर रखने का आरोप लगाया तो कुछ मीडिया हाउस ने इस बात का खंडन किया. कुछ मीडिया हाउस ने प्रमुखता से प्रकाशित किया कि सरकार की तरफ से जिला भाषा का चयन अभी नहीं हुआ है, बल्कि इसकी तैयारी हो रही है. लेकिन न्यूज विंग को मिली पुख्ता जानकारी में यह बात सामने आयी है कि रघुवर दास जिस दस्तावेज का हवाला दे रहे थे, वो सही था. सरकार की तरफ से कार्मिक विभाग ने जिलावार भाषा का चयन कर लिया है.

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इस मामले पर जब पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास से न्यूज संवाददाता ने बात की तो उन्होंने साफ कहा कि मैं अपनी बात पर हमेशा से कायम हूं. उन्होंने कहा कि यह मामला किसी पार्टी से संबंधित नहीं है. बल्कि सरकार का फैसला है. किसी को भी शक है तो वो कार्मिक विभाग के आला अधिकारियों से जानकारी ले सकता है. अगर फिर भी किसी को लगता है कि मैं गलत हूं तो सरकार इस बात को क्लियर क्यों नहीं करती.

सरकार बताये कि आखिर क्यों देश की राष्ट्र भाषा हिंदी को बाहर रखा गया है. 12 भाषाओं का चयन किया गया है, इसमें हिंदी है ही नहीं. सरकार शुद्ध रूप से जनता को गुमराह करने का काम कर रही है. कहा कि जब आरोप सरकार पर लग रहा है तो जेएमएम के महासचिव क्यों जवाब देते हैं. सरकार क्यों अपना पक्ष नहीं रखती. मेरा आरोप सरकार पर है तो जवाब भी सरकार को ही देना चाहिए. इसमें पार्टी कहां से बीच में आ गयी.

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