Khas-KhabarNational

राहुल गांधी से चर्चा में बोले रघुराम राजनः आर्थिक गतिविधियां जल्द खोलनी होंगी, गरीबों की मदद के लिए लगेंगे 65,000 करोड़ रुपये

New Delhi: भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर और जानेमाने अर्थशास्त्री रघुराम राजन ने लॉकडाउन के बाद आर्थिक गतिविधियां जल्द खोलने की पैरवी की है.

गुरुवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किए गए संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के साथ ही लोगों की जीविका की सुरक्षा करनी होगी.

advt

इसे भी पढ़ेंःएक्टर ऋषि कपूर का 67 साल की उम्र में निधन, मुंबई के एनएच रिलायंस हॉस्पिटल में ली आखिरी सांसें

गरीबों की मदद में खर्च होंगे 65 हजार करोड़

उन्होंने यह भी कहा कि देश के गरीबों, मजदूरों और किसानों की प्रत्यक्ष अंतरण के माध्यम से वित्तीय मदद करनी होगी जिसमें 65 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे.

राहुल गांधी के एक सवाल के जवाब में राजन ने कहा कि सामाजिक सौहार्द में लोगों की भलाई है और इस चुनौतीपूर्ण समय में हम विभाजित रहने का जोखिम नहीं उठा सकते.

राजन ने कहा, ‘हमारी अर्थव्यवस्था 200 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की है और हम 65 हजार करोड़ रुपये का वहन कर सकते हैं.’ उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को जल्द खोलना होगा और साथ ही कोरोना वायरस से निपटने के कदम भी उठाते रहने होंगे.


रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर ने भारत में कोरोना की जांच की संख्या के मुद्दे पर कहा कि अमेरिका में रोजाना औसतन 150000 जांच हो रही है. बहुत सारे विशेषज्ञ कह रहे हैं कि पांच लाख लोगों की जांच करनी चाहिए. भारत में हम रोजाना 20-25 हजार जांच कर रहे हैं. ऐसे हमें बड़े पैमाने पर जांच करनी होगी.

इसे भी पढ़ेंःबिहार के मोतिहारी में #LockDown लागू कराने के दौरान महिला कांस्टेबल समेत चार पुलिसकर्मी घायल

असमानता से लड़ना चुनौती: राहुल

इस चर्चा में राहुल गांधी ने कहा कि हमारे भारतीय समाज की व्यवस्था अमेरिका से काफी अलग है, ऐसे में सामाजिक बदलाव जरूरी है. हर राज्य का अपना अलग तरीका है. ऐसे में हम तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश को एक नजरिए से नहीं देख सकते हैं. भारत में हमेशा सत्ता कंट्रोल करना चाहती है, जो काफी लंबे वक्त से जारी है.

रघुराम राजन से चर्चा में राहुल गांधी ने कहा कि आज जिस तरह की असमानता है, वह काफी चिंता वाला विषय है.

इसे भी पढ़ेंः#CoronaVirus: देश में संक्रमितों की संख्या 33 हजार से अधिक, 1074 लोगों की गयी जान

Nayika

advt

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: