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टॉफी और टी शर्ट घोटालाः बोले सरयू राय- रघुवर दास कर रहे गलतबयानी, बोल रहे आधा सच

Jamshedpur: भारतीय जनतंत्र मोर्चा के अध्यक्ष एवं जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने कहा कि टॉफी और टी शर्ट ख़रीदने तथा जमशेदपुर और रांची में सुनिधि चौहान का कार्यक्रम आयोजित करने में सरकारी ख़ज़ाना की लूट करने के आरोपों की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से कराने के राज्य सरकार के निर्णय पर तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास गलतबयानी कर रहे हैं और भ्रम हैं. वे कहते हैं कि इस मामले में उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है. वे खुद आधा सच बता रहे हैं और इसके लिए मुख्यमंत्री को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं. उनकी मंशा जांच को राजनीतिक रंग देने की है.
राय ने शनिवार को अपने क्षेत्र में दो योजनाओं का शुभारंभ किया. बारीडीह स्थित कार्यालय में मीडिया से मुखातिब राय ने दो नई योजनाओं का शुभारंभ करने की जानकारी देते हुए टी-शर्ट, टॉफी और सुनिधि चौहान के कार्यक्रम में हुए घोटाले के बारे में भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे सेवा कार्य के तहत बारीडीह स्थित कार्यालय से पांच रुपये में गरीबों को  भोजन उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा शाम चार बजे के बाद छठी कक्षा से लेकर बारहवीं तक के बच्चों को योग्य शिक्षकों के द्वारा निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी. पार्टी की कोशिश है कि सभी गरीबों को गुणवत्ता युक्त भोजन मिले वही अच्छे स्कूलों में पढ़ने की लालसा रखनेवाले बच्चों को भी गुणवत्ता युक्त शिक्षा मिल सके.

रघुवर दास कर रहे गलतबयानी
सरयू राय ने कहा कि वस्तुत: टॉफ़ी और टी शर्ट घोटाला की उच्चस्तरीय जांच कराने की अनुशंसा  मार्च 2021 में विधानसभा के बजट सत्र में सभा की अनागत प्रश्न क्रियान्वयन समिति ने सदन में प्रस्तुत अपने प्रथम अंतरिम जांच प्रतिवेदन में किया था. दिसंबर 2021 के शीत सत्र में सदन में प्रस्तुत दूसरे अंतरिम प्रतिवेदन में अनागत प्रश्न क्रियान्वयन समिति ने कहा था कि सरकार ने टॉफी, टी शर्ट घोटाले की जांच के दौरान जो दस्तावेज समिति को उपलब्ध कराये हैं, वे फर्जी हैं.
बदले की भावना का आरोप निराधार
पूर्व मंत्री ने कहा कि समिति की इस अनुशंसा के अतिरिक्त झारखंड विधान सभा के मानसून सत्र 2021 में एक प्रश्न के उत्तर में सरकार ने सदन को सूचित किया था कि 2016 में राज्य स्थापना दिवस समारोह के दौरान सुनिधि चौहान के कार्यक्रम आयोजन में अनियमितता पाई गई है. सरकार जांच के लिए तैयार है. सदन निर्णय कर दे कि जांच एसीबी करे या सदन की समिति करे. सभा अध्यक्ष ने संसदीय प्रक्रिया के अनुरूप सरकार को सूचित किया कि इसकी जांच एसीबी से हो. इस नियमन के करीब एक माह बाद मुख्यमंत्री ने टॉफ़ी, टी शर्ट और सुनिधि चौहान के कार्यक्रम में हुई अनियमितता की जांच एसीबी से कराने का आदेश दिया है. अब इसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास यह आरोप लगा रहे हैं कि मुख्यमंत्री सोरेन ने बदले की भावना से यह आदेश दिया है. यह उनकी गलत सोच है.

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