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बंगाल के हासीमारा एयरबेस पर तैनात हुआ राफेल लड़ाकू विमान, पुख्ता होगी चीन की निगहबानी

West Bengal: भारतीय वायु सेना ने पश्चिम बंगाल के हासीमारा एयर बेस पर राफेल की दूसरी स्क्वाड्रन की तैनाती की है. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया की उपस्थिति में पूर्वी वायु कमान की 101 स्क्वाड्रन में औपचारिक तौर पर राफेल लड़ाकू विमानों को शामिल किया. पिछले साल सितंबर में राफेल लड़ाकू विमानों को 17 ‘ग्लोबल ऐरो’ स्क्वाड्रन में शामिल किया गया था. हासीमारा के पास पहले मिग 27 स्क्वाड्रन था, जिसे अब सेवामुक्त कर दिया गया है. यह भूटान से निकटता के कारण भारतीय वायु सेना के संचालन के लिए एक रणनीतिक आधार है. चुंबी घाटी, जहां भारत, भूटान और चीन के बीच एक त्रिकोणीय जंक्शन है डोकलाम के करीब है, जहां 2017 में गतिरोध हुआ था. तीनों देशों के लिए त्रिकोणीय जंक्शन चिंता का विषय रहा है.

पूर्वी सीमा पर एयरफोर्स को मजबूती मिलेगी

वायु सैनिक अड्डे पर कर्मियों को संबोधित करते हुए वायुसेना प्रमुख भदौरिया ने कहा कि हासीमारा में राफेल विमानों को सुनियोजित रूप से तैनात किया गया है और ऐसा पूर्वी क्षेत्र में भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को मजबूत करने के महत्व को ध्यान में रखते हुए किया गया है. वायुसेना द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक हासीमारा में राफेल विमानों के आगमन के मौके पर एक फ्लाईपास्ट भी किया गया जिसके बाद परंपरागत रूप से नए लड़ाकू विमान को पानी की बौछार से सलामी दी गई.

भारत के पास 26 राफेल लड़ाकू विमान

रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि भारत को फ्रांस की कंपनी दसां एविएशन से अब तक 36 में से 26 राफेल लड़ाकू विमान मिल चुके हैं. भदौरिया ने हासीमारा में अपने भाषण में 101 स्क्वाड्रन के स्वर्णिम इतिहास को याद किया जिसने ‘फाल्कन्स ऑफ चंबा और अखनूर’ का शीर्षक हासिल किया है.

राफेल के लिए फ्रांस से समझौता

भारत ने लगभग 58,000 करोड़ रुपये की लागत से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ एक अंतर-सरकारी समझौता किया था. राफेल 4.5 पीढ़ी का विमान है और इसमें नवीनतम हथियार, बेहतर सेंसर और पूरी तरह से एकीकृत आर्किटेक्टर है. यह एक सर्व-भूमिका वाला विमान है, जिसका अर्थ है कि यह एक बार में कम से कम चार मिशनों को अंजाम दे सकता है. लड़ाकू विमान हैमर मिसाइलों से लैस हैं और यह दूर से आने वाले लक्ष्यों को साधमें में भी सक्षम है.

क्यों अहम है यह तैनाती

भारतीय वायु सेना ने पश्चिम बंगाल के हासीमारा वायुसैनिक अड्डे पर पूर्वी वायु कमान की 101 स्क्वाड्रन में औपचारिक तौर पर राफेल लड़ाकू विमानों को शामिल किया है. चीन के साथ तनाव के लिहाज से यह कदम काफी अहम है, क्योंकि यह भूटान से निकटता के कारण भारतीय वायु सेना के संचालन के लिए एक रणनीतिक आधार है. चुम्बी घाटी तिब्बत के शिगात्से विभाग में स्थित एक घाटी है. यह उस स्थान पर स्थित है जहां भारत के सिक्किम राज्य, भूटान और तिब्बत तीनों की सीमाएं मिलती हैं और यह डोकलाम के भी करीब है.  कूटनीतिक दृष्टि से 3000 मीटर पर स्थित चुम्बी घाटी का बहुत महत्व रहा है क्योंकि भारत पर तिब्बत से आक्रमण करने का यह एक आसान मार्ग है. इसलिए यह तैनाती अब काफी अहम है.

 

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