न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

राफेल डील : चौकीदार चोर है… बयान पर SC ने राहुल से 22 तक जवाब मांगा, कहा, हमने पीएम मोदी पर कोई टिप्पणी नहीं की

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम यह साफ करना चाहते हैं कि राहुल ने जो कुछ SC  के हवाले से कहा है वो गलत है. कोर्ट ने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की है.

54

NewDelhi :  रफाल डील को लेकर  पीएम मोदी पर टिप्पणी के मामले में  SC ने राहुल गांधी से जवाब मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम यह साफ करना चाहते हैं कि राहुल ने जो कुछ SC  के हवाले से कहा है वो गलत है. कोर्ट ने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की है. हम केवल दस्तावेज की एडमिसिबल्टिी पर फैसला करते हैं. कोर्ट ने राहुल गांधी से 22 अप्रैल तक जवाब देने को कहा है. अब मामले में अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी. मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की पीठ ने कहा, ऐसी बात जो हमने नहीं कही आप वो बात कैसे कह सकते हैं. कि हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की है. पीठ ने कहा हम यह स्पष्ट करते हैं कि राफेल मामले में दस्तावेजों को स्वीकार करने के लिए उनकी वैधता पर सुनवाई करते हुए इस तरह की टिप्पणियां करने का मौका कभी नहीं आया.

इसे भी पढ़ें  तुलाभरम पूजा करते समय गिरे शशि थरूर, घायल हुए, छह टांके लगे

राहुल ने अदालत के हवाले से जनता के बीच गलत कहा

hosp3

पीठ ने कहा, हम यह स्पष्ट करते हैं कि राहुल गांधी ने इस अदालत का नाम ले कर राफेल सौदे के बारे में मीडिया व जनता में जो कुछ कहा. वह गलत तरीके से पेश किया गया. याचिकाकर्ता मीनाक्षी लेखी का यह आरोप था कि कांग्रेस अध्यक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के हवाले से बयान दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी यह माना है कि चौकीदार ही चोर है. लेखी ने इसी बयान के आधार पर याचिका दाखिल की है.  लेखी का कहना है कि वह अपने व्यक्तिगत बयान को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के रूप में पेश कर रहे है.  साथ ही राहुल एक पूर्वाग्रह पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.

मीनाक्षी लेखी ने अपनी याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने रफाल मामले में पुनर्विचार याचिका की सुनवाई के दौरान केंद्र की प्रारंभिक आपत्ति खारिज करते हुए कहा था कि वो द हिंदू में छपे रक्षा दस्तावेज पर विचार करेगा, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के हवाले से ये बयान दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि चौकीदार चोर है. याचिका में कहा गया है कि कोर्ट ने आदेश में ऐसा कुछ नहीं है इसलिए ये कोर्ट की अवमानना है.

इसे भी पढ़ें  सेना के अफसरों के बाद अब 200 वैज्ञानिकों ने की अपील, विरोधियों को देशद्रोही बताने वाली ताकतों को न करें वोट

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: