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राफेल डील : क्या सरकार ने एंटी करप्शन क्लॉज जैसी महत्वपूर्ण शर्त हटायी !

राफेल डील सोमवार को भी बहस का मुद़दा बन गयी. अंग्रेजी अखबार द हिंदू ने इसे फिर हवा दी है. द हिंदू में छपी रिपोर्ट पर सुबह फिर कांग्रेस हमलावर मोड में आ गयी.

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NewDelhi : राफेल डील सोमवार को भी बहस का मुद़दा बन गयी. अंग्रेजी अखबार द हिंदू ने इसे फिर हवा दी है. द हिंदू में छपी रिपोर्ट पर सुबह फिर कांग्रेस हमलावर मोड में आ गयी. अखबार में छपी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार इस सौदे को लेकर इतनी हड़बड़ी में थी कि उसने एंटी करप्शन क्लॉज जैसी महत्वपूर्ण शर्त को हटा दिया. इस रिपोर्ट के बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने ट्वीट कर मोदी सरकार पर तंज कसा है. रिपोर्ट की मानें तो सरकार ने एक एस्क्रो अकाउंट रखने के वित्तीय सलाहकारों की बात भी खारिज कर दी. क्योंकि पीएमओ ने सॉवरेन या बैंक गारंटी की शर्त खत्म करने का दबाव बनाया था. हिंदू की इस नयी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि लगभग 7.87 यूरो की राफेल डील में भारत सरकार ने कई तरह की अभूतपूर्व रियायतें दीं. आरोप है कि अंतर-सरकारी समझौते (आईजीए) पर हस़्ताक्षर के कुछ दिन पहले ही भ्रष्टाचार विरोधी जुर्माना और एस्क्रो अकाउंट के जरिए भुगतान जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों को हटा दिया गया.

इस पर कांग्रेस का आरोप है कि पीएमओ किसे बचाना चाहता है. द हिंदू में छपी रिपोर्ट के बाद कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा, पीएमओ द्वारा सॉवरेन गारंटी को खत्म करने के दबाव के बाद अब पता चला है कि पीएमओ ने मानक एंटी-करप्शन क्लॉज हटाने के लिए भी कहा. पीएमओ आखिर किसे बचाना चाहता था?

कोई सॉवरेन गारंटी नहीं, बैंक गारंटी भी नहीं : पी  चिदम्बरम

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रिपोर्ट में कहा गया है, गैरवाजिब प्रभाव, एजेंट या एजेंसी को कमीशन देना, दसॉ एविशन और एमबीडीए फ्रां कंपनी के खातों तक पहुंच आदि पर जुर्माने की जो मानक रक्षा खरीद प्रक्रिया (डीपीपी) अपनायी जाती थी, उच्च स्तरीय राजनीतिक हस्तक्षेप की वजह से उसे भारत सरकार ने सप्लाई प्रोटोकॉल से हटा दिया. कांग्रेस नेता पी. चिदम्बरम ने इस पर ट्वीट किया कि कोई सॉवरेन गारंटी नहीं, बैंक गारंटी भी नहीं, कोई एस्क्रो अकाउंट नहीं, फिर भी बड़ी रकम एडवांस में दी गयी. बता दें कि 23 सितंबर, 2016 को भारत और फ्रांस के बीच जिस आईजीए पर दस्तखत हुए थे, उसके अनुसार राफेल को एयरक्राफ्ट पैकेज और एमबीडीए फ्रांस को हथियारों के पैकेज की आपूर्ति भारतीय वायु सेना को करनी है.

द हिंदू का दावा है कि उसके पास जो आधिकारिक दस्तावेज हैं, उनके अनुसार तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की अध्यक्षता वाली रक्षा खरीद परिषद की सितंबर, 2016 में बैठक हुई और इसके द्वारा आईजीए, सप्लाई प्रोटोकॉल, ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट और ऑफसेट शेड्यूल में आठ बदलाव हुए.

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