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राफेल डील : एजी- सीएजी को समन मुमकिन नहीं, पीएसी अध्यक्ष खड़गे से सहमत नहीं हैं सदस्य

फैसले में सीएजी-पीएसी के संदर्भ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र के हलफनामे के बाद इसकी संभावना कम ही है कि खड़गे सीएजी और एजी को समन करने के लिए पीएसी सदस्यों से बात करें.

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NewDelhi : राफेल डील में लोक लेखा समिति (पीएसी) अटर्नी जनरल (एजी) और सीएजी (कॉम्पट्रोलर ऐंड ऑडिटर जनरल ) को समन नहीं कर सकती, क्योंकि विपक्षी दलों सहित अधिकतर सदस्य समिति के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रस्ताव पर सहमत नहीं हैं.  बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछले दिनों कहा था  कि राफेल डील को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में सीएजी की एक रिपोर्ट का हवाला दिया था, जिसे पीएसी को सौंपे जाने की बात कही गयी थी,  लेकिन खड़गे के नेतृत्व वाली संसदीय समित के सामने ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं दी गयी.  वहीं, खड़गे ने शनिवार को कहा था कि वह समिति के सभी सदस्यों से आग्रह करेंगे कि अटर्नी जनरल और सीएजी  को समन कर पूछा जाए कि सीएजी की रिपोर्ट कब संसद में पेश की गयी.  हालांकि, फैसले में सीएजी-पीएसी के संदर्भ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र के हलफनामे के बाद इसकी संभावना कम ही है कि खड़गे सीएजी और एजी को समन करने के लिए पीएसी सदस्यों से बात करें.  एजी और सीएजी को तलब करने संबंधी खड़गे के बयान पर बीजेडी सांसद भतृहरि महताब ने कहा कि पीएसी के अध्यक्ष व्यक्तिगत रूप से एजी और सीएजी को बुला सकते हैं लेकिन पूरी समिति के समक्ष उन्हें तलब नहीं कर सकते, क्योंकि 2018-19 के अजेंडे में राफेल सौदा नहीं था .  उन्होंने कहा कि सौदे पर सीएजी की रिपोर्ट को समिति के समक्ष पेश नहीं किया गया है .

निजी तौर पर बुलाने पर अधिकारियों के बयान दर्ज नहीं किये जा सकते

समिति के सबसे अधिक समय तक के सदस्य महताब ने कहा कि निजी तौर पर बुलाने पर दोनों अधिकारियों के बयान दर्ज नहीं किये जा सकते. इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए टीडीपी के सांसद सीएम रमेश ने कहा कि अगर सदस्य चाहें तो समिति एजी और कैग को बुला सकती है लेकिन संसद में रिपोर्ट पेश होने के बाद ही.  बता दे समिति में भाजपा की अगुआई वाली एनडीए के सांसद इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं.  सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों का कहना है कि यह  SC पर सवाल खड़े करने की तरह है. भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, SC ने राफेल सौदे में सरकार को क्लीन चिट दे दी है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस और खड़गे जैसे अनुभवी नेता राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं. भाजपा के एक अन्य सांसद गोपाल शेट्टी ने जानना चाहा कि अध्यक्ष सरकार के 2 शीर्ष अधिकारियों को कैसे इस मुद्दे पर बुला सकते हैं, जो समिति के अजेंडे में ही नहीं है और तब जबकि कैग की रिपोर्ट समिति के समक्ष पेश नहीं की गयी.

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एनडीए के घटक शिरोमणि अकाली दल के सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि समिति के लिए यह अनैतिक है कि वह SC के फैसले पर सवाल उठाना शुरू कर दे .  पीएसी  के 22 सदस्यीय पैनल में भाजपा का बहुमत है क्योंकि उसके 12 सांसद शामिल हैं . साथ ही सहयोगी दलों शिवसेना और अकाली का भी एक-एक सांसद है .  जबकि खड़गे समेत कांग्रेस के तीन  सांसद हैं . इसके अलावा टीएमसी के दो सांसद व टीडीपी, बीजेडी और एआईएडीएमके के एक-एक सांसद है.

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