न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सरकार की योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने के मकसद से जल्द होगा रेडिओ खांची का शुभारंभ

रांची में जल्द ही 90.4 मेगा हर्ट्ज पर एफएम रेडियो सुनाई देगा, 90.4 मेगा हर्ट्ज पर सुनाई देगा रेडियो खांची    

46

Ranchi : रांची में जल्द ही 90.4 मेगा हर्ट्ज पर एफएम रेडियो सुनाई देगा. इस एफएम चैनल का शुभारंभ जल्द ही होगा. सबसे पहले रेडिओ खांची की नींव पूर्व कुलपति वीपी शरण ने राखी थी. अब सूचना-जनसंपर्क विभाग और रांची यूनिवर्सिटी के साझा प्रयास से बहुत जल्द एफएम चैनल खांची रेडियो का शुभारंभ होगा. इसका मकसद है सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाना. ऐसा होने से लोग न सिर्फ योजनाओं की जानकारी ले सकेंगे बल्कि इसका फायदा भी उठा सकेंगे. यह जानकारी पीआरडी निदेशक राम लखन प्रसाद गुप्ता ने जनसंपर्क प्रणाली को बेहतर बनाने और नयी तकनीक के इस्तेमाल को लेकर पीआरडी की ओर से आयोजित कार्यशाला में कही.

इसे भी पढ़ें- दुमका : सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, एक जवान शहीद, चार घायल

सोशल मीडिया पब्लिसिटी ऑफिसर को प्रशिक्षण

कार्यशाला में राज्य के सभी जिलों के जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सहायक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी और सोशल मीडिया पब्लिसिटी ऑफिसर को प्रशिक्षण दिया गया. विशेषज्ञ के रुप में आनंद कुमार ठाकुर डायरेक्टर कम्युनिटी रेडियो रांची विश्वविद्यालय, सीयूजे रांची से डीन डॉ देवव्रत सिंह तथा अध्यक्ष जनसंचार विभाग और रश्मि वर्मा असिस्टेंट प्रोफेसर जनसंचार विभाग  मौजूद थे.

कार्यशाला में डायरेक्टर कम्युनिटी रेडियो रांची विश्वविद्यालय, आनंद कुमार ठाकुर ने सामुदायिक रेडियो पर विस्तार से जानकारी दी. कहा कि  भारत सरकार के सहयोग से राज्य के सभी ज़िलों में सामुदायिक रेडियो की शुरुआत की जानी है. सीयूजे के डीन तथा अध्यक्ष जनसंचार विभाग डॉ देवव्रत सिंह ने जनसंपर्क अधिकारियों के दायित्व पर विस्तार से बताया कि वर्तमान समय में देश और दुनिया में जनसंपर्क में सोशल मीडिया का उपयोग बृहद पैमाने पर हो रहा है. कहा कि रियल टाइम अपडेट चुनौती रहेगी.

इसे भी पढ़ें- दर्द ए पारा शिक्षक : आखिर क्यों शिक्षक को हिंदुस्तान यूनिलिवर में साबुन छंटाई का काम करना पड़ रहा है

संदेश देने के लिए सोशल मीडिया बेहतरीन और प्रभावकारी

बता दें कि शहर हो या गांव अब जनता सीधे सोशल मीडिया पर एक्टिव रहता है. विशेष कर फेसबुक, व्हाटसअप, इंस्टाग्राम, ट्विटर, यूट्यूब पर सर्वाधिक लोग जुड़े हैं. ऐसे लोगों तक सरकार की योजनाओं को प्रचारित करने और समय-समय पर संदेश देने के लिए सोशल मीडिया बेहतरीन और प्रभावकारी हो सकता है.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकट लगातार गहराता जा रहा है. भारत के लोकतंत्र के लिए यह एक गंभीर और खतरनाक स्थिति है. कारपोरेट तथा सत्ता संस्थान मजबूत होते जा रहे हैं. जनसरोकार के सवाल ओझल हैं और प्रायोजित या पेड या फेक न्यूज का असर गहरा गया है. कारपोरेट, विज्ञानपदाताओं और सरकारों पर बढ़ती निर्भरता के कारण मीडिया की स्वायत्तता खत्म सी हो गयी है. न्यूजविंग इस चुनौतीपूर्ण दौर में सरोकार की पत्रकारिता पूरी स्वायत्तता के साथ कर रहा है. लेकिन इसके लिए आप सुधि पाठकों का सक्रिय सहभाग और सहयोग जरूरी है. हमने पिछले डेढ़ साल में बिना दबाव में आए पत्रकारिता के मूल्यों को जीवित रखा है. पत्रकारिता के इस प्रयोग में आप हमें मदद करेंगे यह भरोसा है. आप न्यूनतम 10 रुपए और अधिकतम 5000 रुपए का सहयोग दे सकते हैं. हमारा वादा है कि हम आपके विश्वास पर खरा साबित होंगे और दबावों के इस दौर में पत्रकारिता के जनहितस्वर को बुलंद रखेंगे.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता…

 नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक कर भेजें.
%d bloggers like this: