न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

राबड़ी देवी का दावा, राजद में जदयू के विलय का प्रस्ताव लेकरआये थे प्रशांत किशोर, मैंने भगाया था

  राबड़ी देवी ने कहा कि अगर किशोर, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद से इस प्रस्ताव को लेकर मुलाकात करने से इनकार करते हैं तो वह सफेद झूठ बोल रहे है

118

Patna :  चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने लालू प्रसाद यादव से भेंट कर यह प्रस्ताव रखा था कि राजद और नीतीश कुमार के जद(यू) का विलय हो जाये और इस प्रकार बनने वाले नये दल को चुनावों से पहले अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना चाहिए. यह दावा  बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने शुक्रवार को  किया. राबड़ी देवी ने कहा कि अगर किशोर, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद से इस प्रस्ताव को लेकर मुलाकात करने से इनकार करते हैं तो वह सफेद झूठ बोल रहे है. राजद की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राबड़ी देवी ने कहा, मैं इससे बहुत नाराज हो गयी और उनसे निकल जाने को कहा, क्योंकि नीतीश के धोखा देने के बाद मुझे उन पर भरोसा नहीं रहा. बता दें कि राबड़ी देवी के पास विधानसभा में विपक्ष के नेता का भी पद है. बीते साल नीतीश कुमार राजद और कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा के नेतृत्व वाले राजग में शामिल हो गये थे.

mi banner add

इसे भी पढ़ेंः चुनावी बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 30 मई तक चुनाव आयोग को चंदे की जानकारी दें पार्टियां

अधिकांश मुलाकात दस सर्कुलर रोड पर हुईं

राबड़ी देवी ने कहा, हमारे सभी कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी इस बात के गवाह हैं कि उन्होंने हमसे कम से कम पांच बार मुलाकात की. इनमें से अधिकांश तो यहीं यानी दस सर्कुलर रोड पर हुईं और एक-दो  पांच देशरत्न मार्ग पर छोटे पुत्र तेजस्वी यादव के आवास पर हुईं. कुमार के इस दावे पर कि राजद सुप्रीमो जेल से ही किशोर से बात करते रहे हैं, पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, यहां तक कि हम लोगों को भी लालू जी से फोन पर बात करने का मौका नहीं मिलता है और अनंत सिंह के दावे का क्या जो कहते हैं कि उनके जेल में रहने के दौरान ललन सिंह (मंत्री) नीतीश से टेलीफोन पर बातचीत करवाते थे. माफिया डान से राजनीतिज्ञ बने मोकामा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले अनंत सिंह पहले कुमार के निकट थे पर 2015 के चुनाव से पहले उनके रिश्ते खराब हो गये.

अनंत सिंह ने यह दावा एक स्थानीय न्यूज पोर्टल को दिये साक्षात्कार में किया था।  बीते साल सितम्बर में जद(यू) के पूर्ण सदस्य बने किशोर ने ट्विटर पर यह स्वीकार किया कि उन्होंने दल की सदस्यता लेने से पूर्व प्रसाद से कई बार मुलाकात की थी.  किशोर ने कहा कि अगर वह यह बताएयें कि किस बात पर चर्चा हुई थी तो उन्हें (प्रसाद)  शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है.

इसे भी पढ़ेंःयूएई के बाद रूस देगा पीएम मोदी को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: