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सर्वसम्मति से स्पीकर चुने गये रवींद्रनाथ महतो, तीसरी बार बने हैं विधायक  

Ranchi: रवींद्रनाथ महतो को सर्वसम्मति से स्पीकर चुन लिया गया. रवींद्रनाथ महतो ने सोमवार को 6 सेटों में नामांकन दाखिल किया था.

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हेमंत सोरेन, आलमगीर आलम, बाबूलाल मरांडी, सुदेश कुमार महतो, सरयू राय और बिनोद सिंह प्रस्तावक बने. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सीपी सिंह रवींद्रनाथ महतो को स्पीकर की सीट तक लेकर गये और सीट ग्रहण कराया.

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सादगी और कार्यकुशलता सबको प्रभावित करती है : हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रवींद्रनाथ महतो को झारखंड विधानसभा का निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने पर उन्हें बधाई दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो न केवल कुशल राजनेता हैं बल्कि एक प्रखर वक्ता भी हैं. इनकी सबसे बड़ी विशेषता ग्रामीण परिवेश की सादगी को अपनाना है. इनका व्यक्तित्व सदैव सबको प्रभावित करता रहा है.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि रवींद्रनाथ महतो झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में अपनी कार्यकुशलता, अपने विधायी अनुभव और अपने समन्वय क्षमता से सभी विधायकों के बीच समन्वय बनाते हुए करते हुए पांचवीं विधानसभा का सफलतापूर्वक संचालन करेंगे. इनके मार्गदर्शन में झारखंड विधानसभा नयी बुलंदियों पर पहुंचेगा.

झारखंड विधानसभा देश की आदर्श विधानसभाओं में शुमार होगी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो तीसरी बार नाला विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गये हैं. पहली बार ये वर्ष 2005 एवं दूसरी बार 2014 में विधायक चुने गये. झारखंड विधानसभा में इन्होंने हमेशा राज्य के नीतिगत विषयों एवं जनता के ज्वलंत सवालों पर प्रमुखता से अपनी बात रखी है. मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इनके मार्गदर्शन में झारखंड विधानसभा देश की आदर्श विधानसभाओं में शुमार होगी.

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जानिये रवींद्रनाथ महतो को

रवींद्रनाथ महतो का जन्म 12 जनवरी 1960 को हुआ, इनका पैतृक गांव मोहजोरी खमार में हुआ था, जो नाला प्रखंड के अंतर्गत आता है. वर्तमान में यह पाटनपुर में रह रहे हैं जो फतेहपुर प्रखंड के अंतर्गत आता है.

रवींद्र महतो दो भाइयों में बड़े हैं. इनके छोटे भाई का नाम संजीव कुमार है, जो नाला डिग्री कॉलेज में केमिस्ट्री के लेक्चरर के पद पर कार्यरत हैं. इनके पिता शिक्षक थे जिनका नाम गोलप बिहारी महतो है, इनकी मां रूपमंजरी देवी का देहांत हो चुका है. रवींद्रनाथ महतो कई विषयों के जानकार हैं. सदन में अच्छे वक्ता के तौर पर भी जाने जाते हैं.

बायोसाइंस की पढ़ाई की है

उन्होंने एसपी कॉलेज दुमका से बीएससी की पढ़ाई बायोसाइंस में की है. बीएड की पढ़ाई बीपी कॉलेज ऑफ साइंस एंड एजुकेशन भुवनेश्वर से की है. रवींद्रनाथ महतो की पत्नी का नाम सरमा देवी है. इनकी दो संतान हैं. बेटे का नाम कुणाल है और बेटी का नाम प्रियंका है.

शिबू सोरेन के अलग राज्य के आंदोलन को देख कर यह काफी प्रभावित हुए और विश्वविद्यालय से निकलने के बाद ही राजनीति में इनका प्रवेश हो गया. 1995 में पार्टी ने इन्हें टिकट नहीं दिया लेकिन स्वायत्तशासी परिषद का मेंबर बनाया गया.

6 बार जेल जा चुके हैं

रवींद्र नाथ महतो 6 बार जेल भी जा चुके हैं. इनकी सबसे लंबी जेल यात्रा 13 दिनों की रही जहां यह आर्थिक नाकेबंदी के दौरान जामताड़ा जेल में बंद रहे.

झारखंड मुक्ति मोर्चा में अपने शुरुआती दिनों से ही यह जुड़े रहे, पार्टी ने 2000 के विधानसभा चुनाव में इन्हें टिकट दिया, लेकिन यह विश्वेश्वर खान से 500 वोटों से चुनाव हार गये. 2005 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीत कर रवींद्र महतो सदन पहुंचे. 2009 में एक बार फिर इन्हें हार का सामना करना पड़ा, 2014 और 2019 दोनों बार लगातार फिर से इन्होंने चुनाव जीता और इस बार विधानसभा अध्यक्ष बने.

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