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रांची पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवालः हिरासत से शातिर चोर फरार, 11 महीने में 14 आरोपी भागे

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Ranchi: रांची पुलिस की कार्यशैली पर फिर सवाल उठ रहे हैं. उत्तरप्रदेश के मेरठ से आकर रांची में आपराधिक घटनाएं को अंजाम देने वाला कुख्यात चोर फैजान खान गुरुवार को पुलिस की हिरासत से फरार हो गया है. बता दें कि फैजान खान बुधवार को गोंदा थाना की पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

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शौचालय से हुआ फरार

बता दें कि अपराधी की गिरफ्तारी के बाद जेल भेजे जाने से पहले नियमित प्रक्रिया के तहत गोंदा पुलिस की एक टीम फैजान को लेकर रांची के सदर अस्पताल मेडिकल जांच के लिए गई थी. सदर अस्पताल से बाहर आने के दौरान फैजान ने बाथरूम जाने की बात पुलिसकर्मियों से कही.

जिसके बाद पुलिस की टीम ने उसे पास के ही सुलभ शौचालय भेज दिया. लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर वहां से फरार हो गया. फिलहाल पुलिस की टीम अलग-अलग इलाकों में उसे ढूंढने में लगी हुई है.

सुरक्षा पर सवालिया निशान

पुलिस अपनी करनी से खुद अपना मजाक बना रही है. पिछले 11 माह में पुलिस की गिरफ्त से 14 अपराधियों के भागने से आम लोग दंग हैं. और सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा रहे हैं.

सवाल उठा रहे हैं कि आखिर पुलिस इतनी गैर जिम्मेदार कैसे हो सकती है. पुलिस की कार्यशैली देखकर तो यही लगता है कि राज्य में चोर-सिपाही का खेल चल रहा है. पुलिस पहले अपराधी को पकड़ती है और फिर भगाती है. इसके बाद दोबारा पूरा पुलिस महकमा जाल बिछाने में लग जाता है,जिसके बाद फरार कैदी को पकड़ा जाता है.

कोर्ट परिसर, पुलिस थानों और अस्पतालों के जेल वार्डों से अपराधियों की फरारी जहां संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्रचिन्ह लगाती है, वहीं पुलिस हिरासत से अपराधियों का फरार होना सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा भी है.

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ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस को सतर्क रहना होगा. पुलिस की हिरासत से अपराधियों के भागने की जितनी भी घटना हुई है उनमें से अधिकतर मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है. जिसका फायदा उठाकर पुलिस की हिरासत से अपराधी भागने में सफल रहते हैं.

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पिछले 11 महीने में हिरासत से 14 अपराधी हुए फरार

4 जनवरी 2019: धनबाद में रात में बिजली के केबल काट रहे एक चोर को पकड़ कर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी थी. सूचना के बाद पुलिस की पीसीआर वैन की मदद से चोर को पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था. लेकिन अचानक चोर अस्पताल से फरार हो गया.

13 जनवरी 2019: रांची में जेल ले जाने के दौरान सदर पुलिस को चकमा देते हुए ऑटो से कूदकर एक नाबालिग समेत तीन कैदी फरार हो गए थे. दस लाख रुपए के गहने की चोरी के आरोप में गृहस्वामी ने पकड़कर किया था पुलिस के हवाले किया गया था.

21 जनवरी 2019: दुमका केंद्रीय कारा से कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया कैदी पुलिस हिरासत से भाग गया था. फरार कैदी का नाम दीनानाथ दत्ता था. दीनानाथ को हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

28 मई 2019: साहेबगंज की पुलिस कुख्यात अपराधी कृष्णा मंडल को रांची के रिम्स में इलाज कराने के लिए लायी थी. रांची के लालपुर क्षेत्र से पुलिस को चकमा देकर वह फरार हो गया. कृष्णा मंडल राजमहल जेल में बंद था. दो पुलिसकर्मियों की लापरवाही के चलते यह अपराधी फरार होने में कामयाब हुआ.

29 मई 2019: सरायकेला सदर अस्पताल में इलाजरत आरोपी नक्सल कैदी शंभू मांझी अहले सुबह फरार हो गया था.

16 जून 2019: सिमडेगा के सिमडेगा बाल सुधार गृह से भाजपा नेता मनोज नागेशिया हत्याकांड में शामिल बाल अपराधी फरार हो गया था.

22 जुलाई 2019: गढ़वा के सदर अस्पताल में इलाजरत महिला कैदी संगीता देवी रात में सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गई थी. संगीता देवी बच्चा चोरी के आरोप में मंडल कारा में बंद थी.

3 अगस्त 2019: पलामू प्रमंडलीय सदर अस्पताल स्थित कैदी वार्ड से रात में एक कैदी छोटू सिंह सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था.

3 सितंबर 2019: गुमला टाउन थाना के हाजत से दो आरोपी पुलिस की आंख में धूल झोंक कर फरार हो गए थे .बता दें कि टाउन थाना से भागने वाले में भलदमचट्टी निवासी राज किशोर गोप और शिबू गोप शामिल था.

18 अक्टूबर 2019: बरियातू में दोहरे कांड के आरोपी आशीष घोष रिम्स में पुलिस को चकमा देकर हथकड़ी खोल फरार हो गया.

24 दिसंबर 2019: धनबाद के पीएमसीएच के सर्जरी वार्ड से मंगलवार की दोपहर राजा निषाद नाम का अपराधी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया.

2 जनवरी 2020: यूपी के मेरठ से आकर राजधानी रांची में आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाला कुख्यात चोर फैजान खान पुलिस के हिरासत से फरार हो गया है.

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