Koderma

हादसे के बाद वन विभाग और अधिकारियों पर उठ रहे हैं सवाल

3 किलोमीटर दूर होता रहा अवैध उत्खनन और खबर तक नहीं

Koderma: जिला मुख्यालय से महज 3 किलोमीटर दूर फुलवरिया से सटे इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन होता रहा और वन विभाग या विभाग के अधिकारियों को खबर तक नहीं हुई. अवैध उत्खनन और चाल धंसने में 4 लोगों की हुई मौत के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या सही में खबर नहीं थी या फिर जुगाड़ और अवैध कमाई के कारण विभाग के अधिकारी आंख मूंदे हुए थे.

दरअसल जिस इलाके में घटना हुई और जहां अवैध उत्खनन का काम चल रहा था, वह वन प्राणी आश्रयणी में आता है. कोडरमा में वन्य प्राणी आश्रयणी के रेंजर निवास करते हैं तो वहीं वन विभाग की एक बड़ी टीम भी है जो निरंतर देखरेख और इलाके में आना-जाना करती है.

सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं कि उसी इलाके के फुलवरिया और डुमरियाटांड में जब विद्युतीकरण के लिए पोल गिराए गए तो वन विभाग ने उसे रुकवा दिया. ध्वजाधारी आश्रम के लिए पेवर ब्लॉक या अन्य कार्य के निविदा हुए तो वन विभाग ने काम नहीं होने दिया पर उसे ही थोड़ी दूर में बड़े पैमाने पर लंबे अरसे से अवैध उत्खनन का काम होता रहा और अधिकारी सोते रहे.

हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई पर अब उनके परिजनों के समक्ष जीवन यापन की भी गंभीर समस्या खड़ी हो गई है. जिस महिला की मौत हुई उसके पति पहले ही गुजर चुके थे और अब छोटे-छोटे बच्चों की परवरिश कौन करेगा यह बड़ा सवाल बन गया है.

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी हुआ है कि इस तरह की घटनाओं के लिए जिम्मेवार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती. इस मामले में जो प्राथमिकी दर्ज कराई गयी है वह भी बड़े सवालों को जन्म दे रहा है. प्राथमिकी में मृत व्यक्तियों के जिम्मेवार के विरुद्ध कार्यवाई करने के लिए थाना में आवेदन दिया गया है.

अवैध उत्खनन और दुर्घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज

कोडरमा थानांतर्गत घटरवा पुराना माइंस में अवैध उत्खनन के कारण बुधवार को चाल धंसने से चार लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले में कोडरमा थाना में मामला दर्ज किया गया है. आवेदन में कहा गया है कि मृत व्यक्तियों को मलबा हटाकर निकाला गया.

प्रशासन को पता चला कि इस माइंस पर माइका का अवैध उत्खनन किया जा रहा है. कोडरमा पुराना आरक्षित वन के घटरवा पुराना माईन्स में यह अवैध खनन कार्य ईस्लाम मियाँ, पिता गैना मियों, साकिन-मरूआबाड़ी (जलवाबाद), थाना व जिला कोडरमा द्वारा कराया जा रहा था.

यह भी जानकारी मिली कि इस अवैध खनन कार्य में इनका बेटा मो माजीद एवं दामाद मो मकसूद, पिता अलताब अंसारी, साकिन जयनगर, थाना जयनगर, जिला कोडरमा भी शामिल है. ईस्लाम मियाँ पेशवर वन अपराधी है, इसके विरूद्ध पूर्व में भी अनेको वनवाद दर्ज है, जो व्यवहार न्यायालय कोडरमा में विचाराधीन है. इस अवैध खनन कार्य में हुए ढिबरा (माईका) की क्षति के आकलन हेतु जिला खनन पदाधिकारी से अनुरोध किया जा रहा है ताकि इस अवैध खनन में हुए राजस्व की क्षतिपूर्ति की वसूली की जा सके.

वहीं प्रभारी वन परिसर पदाधिकारी विजय कुमार ने आवेदन देकर कोडरमा सदर थाना में अवैध खनन कार्य के कराये जाने के कारण मृत व्यक्तियों के जिम्मेवार के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम की धारा 281(जी) 41, 42 एवं वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम की धारा 27 4 29 तथा भारतीय दण्ड विधान एवं विस्फोटक अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है.

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