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महारानी एलिज़ाबेथ II की अंत्येष्टि कल: जानिए कौन होगा शामिल और किसे निमंत्रण नहीं ?

London: महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय की अंत्येष्टि सोमवार (19 सितंबर) को होगी. इस मौक़े पर शाही परिवार के सदस्य और दुनियाभर के नेता वहां मौजूद होंगे.ब्रिटेन में दशकों बाद शाही परिवार के सदस्यों और राष्ट्राध्यक्षों का इतना बड़ा जमावड़ा लगेगा. माना जा रहा है कि हाल के दशकों में इस मौक़े पर ब्रिटेन में सबसे अधिक लोगों का जमावड़ा होगा. इसमें शामिल होने वालों को निमंत्रण भेज दिया गया है. महारानी की अंत्येष्टि के मौक़े पर मौजूद रहने के लिए राष्ट्राध्यक्षों और गणमान्य विदेशी अतिथियों समेत 500 लोगों को बुलाया गया है. ज़्यादातर नेताओं को कमर्शियल फ़्लाइट से आने के लिए कहा गया है. लंदन पहुंचने पर इन नेताओं को बस में बिठाकर पश्चिम लंदन ले जाया जाएगा. अंत्येष्टि वेस्टमिन्स्टर ऐबे में होगी. यहां कम से कम के 2,200 लोग मौजूद रह सकते हैं.

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शाही परिवार रहेगा मौजूद

निश्चित रूप से महारानी का परिवार इस दौरान मौजूद रहेगा. किंग चार्ल्स, क्वीन कन्सॉर्ट कैमिला, महारानी के बच्चे एन, एंड्रयू और एडवर्ड और उनके जीवनसाथी- इसमें एंड्रयू की पूर्व पत्नी साराह फर्ग्यूसन भी शामिल होंगी. महारानी के पोते-पोती- इसमें प्रिंस विलियम और हैरी, प्रिंसेस बीट्रिस और यूजिनी, ज़ारा टिंडल, पीटर फिलिप्स, लेडी लुइस विंडसर और जेम्स विस्काउंट सेवरन के उनके जीवनसाथियों के साथ आने की उम्मीद है. ये अब तक स्पष्ट नहीं है कि महारानी के 12 पर-पोते-पोतियों में से कितने उनकी अंत्येष्टि में शामिल होंगे. अन्य लोगों में अर्ल स्पेंसर, प्रिंसेस डायना के भाई, महारानी के गॉडसन और हैरी के चाचा, प्रिंस व प्रिंसेस माइकल ऑफ़ केंट और ड्यूक और डचेस ऑफ़ केंट के भी शामिल होने की उम्मीद है.

यूरोप के राज परिवार के भी मौजूद रहने की संभावना
महारानी की अंत्येष्टि में यूरोप में मौजूद शाही परिवारों के सदस्य आएंगे. इनमें से कइयों का महारानी के साथ ख़ून का रिश्ता है.बेल्जियम के किंग फ़िलिप और क्वीन माटिल्डा ने महारानी की अंत्येष्टि में पहुंचने की पुष्टि कर दी है. किंग विलेम-एलेक्ज़ेंडर और उनकी पत्नी क्वीन मैक्सिमा, उनकी मां पूर्व डच क्वीन प्रिसेंस बिट्रिक्स भी आएंगी. किंग विलेम-एलेक्जेंडर और उनकी पत्नी क्वीन मैक्सिमा महारानी की अंत्येष्टि में शामिल होंगीं. स्पेन के किंग फ़ेलिपे और क्वीन लेटिज़िया ने भी निमंत्रण स्वीकार कर लिया है. नॉर्वे, स्वीडन और डेनमार्क के राजपरिवार के सदस्य भी इस मौके पर यहां आएंगे.


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रहेंगी मौजूद,पहुंची लंदन

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए लंदन पहुंच गई हैं.जबकि ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंटोनी एल्बनीज़, न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न और कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो भी अंत्येष्टि में शामिल होंगे. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना और श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के भी अंत्येष्टि में शामिल होने की उम्मीद है. इसके अलावा दुनिया के कई और प्रमुख नेता अंत्येष्टि में शामिल होंगे. इनमें आयरिश नेता ताओइशिच माइकल मार्टिन, जर्मन राष्ट्रपति फ्रैंक वाल्टर स्टिनमायर, इटली के राष्ट्रपति सर्गियो मातारेला और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्स वोनडर लियेन प्रमुख हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन अपनी पत्नी जिल बाइडेन के साथ आएंगे.इस बात की अटकलें है कि ओबामा दंपति और कुछ अन्य पूर्व राष्ट्रपतियों को निजी तौर पर निमंत्रण भेजा जा सकता है. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल और ब्रजील के राष्ट्रपति जाएर बोलसोनारो ने भी महारानी की अंत्येष्टि में शामिल होने की पुष्टि कर दी है. तुर्की के राष्ट्रपित रेचेप तैय्यप अर्दोआन, फ्रांसीसी राष्ट्रपित इमैनुअल मैक्रों और जापानी सम्राट नारुहितो के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है.चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी को अंत्येष्टि में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है. सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को भी निमंत्रण दिया गया है. जबकि संभावना है कि ईरान की ओर से राजदूत के स्तर पर भागीदारी होगी.

अंत्येष्टि में शामिल नहीं होंगे पुतिन

महारानी के अंत्येष्टि कार्यक्रम में रूस, बेलारूस या म्यांमार के किसी प्रतिनिधि को भी नहीं बुलाया गया है. यूक्रेन पर हमले के बाद रूस और ब्रिटेन के राजनयिक संबंध ख़त्म हो गए हैं. यूक्रेन पर रूस के हमले के शुरुआती दौर में रूस ने बेलारूस की ज़मीन का इस्तेमाल किया था. फ़रवरी 2021 में सैन्य तख़्तापलट के बाद ब्रिटेन ने म्यांमार में भी अपनी राजनयिक मौजूदगी कम की है. वहीं उत्तर कोरिया और निकारागुआ को इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राष्ट्राध्यक्षों की जगह अपने राजदूत भेजने का निमंत्रण दिया गया है.सीरिया, वेनेज़ुएला और अफ़ग़ानिस्तान को निमंत्रण नहीं दिया गया है.क्योंकि इन देशों के साथ ब्रिटेन के पूर्ण रूप से राजनयिक संबंध नहीं हैं.

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