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नकली पर नकेल : क्यूआर कोड लगाकर डिग्री व मार्कशीट देगी मेडिकल यूनिवर्सिटी

Bhopal : मेडिकल और डेंटल कॉलेज के छात्रों की डिग्री में किसी प्रकार के छेड़छाड़ नहीं हो, इसके लिये मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय अपने छात्रों की डिग्री में क्यूआर कोड लगाने जा रही है. इसमें क्यूआर स्कैनर की सहायता से डिग्री की सत्यता की जांच ऑनलाइन की जा सकेगी. मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलपति डॉ आरएस शर्मा ने बताया कि क्यूआर कोड लगाने से डिग्री और मार्कशीट का वेरीफिकेशन आसानी और तेजी से मोबाइल एप के जरिये हो सकेगा. इससे विद्यार्थियों को किसी सरकारी कामकाज और नौकरी आदि के समय सुविधा होगी.

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टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद क्यू आर कोड के साथ जारी की जाएंगी मार्कशीट और डिग्री 

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 90 प्रतिशत मेडिकल कॉलेज विश्वविद्यालय से जुड़े हैं. क्यूआर कोड की व्यवस्था हेतु नियमानुसार निविदाएं जारी कर दी गयीं है और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मार्कशीट और डिग्री क्यू आर कोड के साथ जारी की जाएंगी. उन्होंने बताया कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षाओं में पेपर लीक होने से विद्यार्थियों को बहुत परेशानी हुई. लेकिन हमारा विश्वविद्यालय प्रदेश में एक साल पहले से ही परीक्षा के आधे घंटे पहले ऑनलाइन पेपर जारी कर रहा है. इससे नकल की आशंका खत्म हो गयी हैं. ऑनलाइन व्यवस्था में जितने विद्यार्थी परीक्षा में बैठने वाले होते हैं उतने ही प्रश्नपत्र छापे जाते हैं.

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फिलहाल देश के दो विश्वविद्यालयों में यह व्यवस्था है

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद में निर्णय लिया गया था कि विद्यार्थियों को क्यू आर कोड वाली डिग्री और मार्कशीट दी जाये. इसके बाद इसकी व्यवस्थाएं की जा रही है. शर्मा ने बताया कि फिलहाल देश के दो विश्वविद्यालयों में यह व्यवस्था है. उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा फायदा डिग्री के वेरिफिकेशन को लेकर होगा. नौकरी में डिग्री के वेरिफिकेशन को लेकर अभी विश्वविद्यालय के पास सत्यापन के लिये मामले आते हैं. इसमें समय भी ज्यादा लगता है, साथ ही विश्वविद्यालय व जांच करने वाले विभाग का काम बढ़ जाता है. क्यू आर कोड डिग्री में लगने से यह दिक्कत दूर हो जायेगी.

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